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अल्मोड़ा और बागेश्वर में बढ़ता जा रहा वनाग्नि का दायरा, 162 हेक्टेयर जंगल खाक

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अल्मोड़ा। जिले के विभिन्न स्थानों पर जंगल आग से जल रहे हैं। सोमवार को जिले में 16 स्थानों आग लगी। अब तक 504 हेक्टेयर से अधिक जंगल चल चुके हैं। इसमें 15 से 20 लाख का नुकसान हो चुका है।
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सोमवार को जिले में 16 स्थानों पर जंगलों में आग भड़की। कुछ स्थानों में आग काबू में आ गई लेकिन सोमेश्वर, चौखुटिया, जागेश्वर, गणानाथ, लमगड़ा के जंगल आग में सुलगते रहे। सोमेश्वर तहसील के अर्जुनराठ के जंगल के कंपार्टमेंट 20 में आग भड़की हुई है। आग से करीब दो हेक्टेयर जंगल जल गया है। वन विभाग के कर्मचारी मेरा गांव और मेरा जंगल के सदस्य आग बुझाने में जुटे रहे लेकिन आग काबू में नहीं आई। क्षेत्र के खौड़िया का जंगल भी आग में धू-धू कर जल रहा है। जंगल में आग भड़की देखकर स्थानीय लोगों ने जंगल में आग लगने की सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मैके पर पहुंच गई और आग बुझाने में जुट गई। आग इतनी तेज थी वन विभाग कर्मचारी आग पर काबू नहीं पा सके। आग बढ़ती देख कर फिर फायर वाचरन और वन कर्मचारी बुलाए गए लेकिन कड़ी मशक्कत के बाद भी आग काबू में नहीं आ सकी। इसके अलावा द्वाराहाट, रानीखेत, स्याल्दे समेत 16 स्थानों पर आग की घटनाएं सामने आई। जिले में अब तक जंगलों की कुल 248 घटनाएं हो चुकी हैं। जिससे अब तक 504 हेक्टेयर से अधिक जंगल जल चुके हैं। जिससे 15 से 20 लाख का आर्थिक नुकसान हो चुका है।
बागेश्वर में 162 हेक्टेयर जंगल जला
बागेश्वर। जिले में वनाग्नि का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार की शाम से जिले में वनाग्नि की 11 घटनाएं दर्ज की र्र्गईं। इस दौरान 16.28 हेक्टेयर जंगल जल गया। फायर सीजन के बाद से जिले में वनाग्नि की 113 घटनाएं में 162 हेक्टेयर जंगल जल गया है। आग से 4.93 हजार रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है।
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वनों को आग से बचाने के लिए वन विभाग ने फायर सीजन से पूर्व काफी तैयारियां की थी। बैठकों का लंबा दौर चला, जागरूकता के तमाम कार्यक्रम भी हुए। बावजूद इसके जंगलों को आग से बचाने में कामयाबी नहीं मिल रही है। रविवार की रात से कपकोट के कालीधार, पुंगर क्षेत्र, जखेड़ी, हरसीला, गरुड़ के गढ़खेत रेंज बागेश्वर के दक्षिणी खबडोली सहित धरमघर और काफलीगैर के जंगल भी सुलग रहे हैं। आग की बढ़ती घटनाओं के बीच जिला मुख्यालय सहित घाटी वाले क्षेत्रों में वातावरण काफी प्रदूषित हो गया है। धुआं फैलने से लोगों को सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन की शिकायत हो रही है। जिला अस्पताल में भी धुएं के कारण बीमार हो रहे लोगों की तादाद बढ़ने लगी है।
आग के कारण कई स्थानों पर पेड़ जलकर जर्जर हो रहे हैं। मोटर मार्गों के समीप की पहाड़ियों पर लगी आग से पेड़ों के टूटकर गिरने का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में आग से चारा जलकर नष्ट हो रहा है। जिसका असर पशुपालकों पर पड़ने लगा है। आग की चपेट में आने से वन्य जीव जंतुओं के जीवन को खतरा पैदा हो गया है। हिंसक जानवर जंगलों से निकलकर आबादी की ओर आने लगे हैं।
वन विभाग के कर्मचारी पूरी मुस्तैदी से आग बुझाने का काम कर रहे हैं। जिले के 29 क्रू स्टेशनों में विभागीय कर्मचारियों के साथ 116 फायर वॉचर तैनात हैं। मॉडल क्रू स्टेशन के बनने से भी आग बुझाने में अच्छी मदद मिल रही है। हालांकि कुछ स्थानों पर अराजक तत्व जंगलों को जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
हिमांशु बागरी, डीएफओ बागेश्वर
जंगलों की आग से आसमान में धुंध
गरुड़ (बागेश्वर)। बैजनाथ और गढ़खेत रेंज के जंगलों में आग से समूचे कत्यूर घाटी के आसमान में धुंध छायी है। आग से जंगली जानवरों का रुख आबादी की ओर बढ़ गया है। बैजनाथ रेंज के अणां, लोहारचौरा, गैरलेख, पथरिया, बानणा, कोलतुलारी, छत्यानी, रौल्याण, गढ़खेत रेंज के जखेड़ा, सुराग, दाडिमखेत, गढ़खेत, बगोटिया, तिलसारी, हुनेरा के जंगल आग से धधक रहे हैं। इधर, वन रेंजर हरीश खर्कवाल ने ग्रामीणों से जंगलों की आग बुझाने में सहयोग की अपील की है। संवाद
सामूहिक साझेदारी से वनाग्नि को रोकें
भिकियासैंण (अल्मोड़ा)। जंगलों में लग रही आग पर काबू पाने के लिए सोमवार को भिकियासैण की एसडीएम शिप्रा जोशी पांडे ने तहसील मुख्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि सामूहिक साझेदारी से वनाग्नि रोकने के प्रयास होने चाहिए। उन्होेंने सभी विभागों के बीच सूचना तंत्र मजबूत करने, ग्राम प्रहरियों को आग की घटनाओं की जानकारी दिए जाने और सभी राजस्व उप निरीक्षकों को वनाग्नि की घटनाओं पर नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी जंगल में आग लगाते हुए पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ नायब तहसीलदार और थाना प्रभारी कानूनी कार्रवाई करें। वहां पर प्रभारी तहसीलदार स्याल्दे पूरन गिरि, नायब तहसीलदार दिवान गिरि, रेंजर रानीखेत हरीश टम्टा, विक्रम सिंह कैड़ा, थानाध्यक्ष भतरौंजखान अनीस अहमद, सुरेंद्र सिंह रावत, एनसी जोशी, एमसी सती, अशोक नेगी, भूपाल भंडारी, धीरज कुमार जोशी आदि थे।

जंगलों में लगी आग के कारण धुंध के आगोश में बागेश्वर। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : BAGESHWAR

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