इसके बाद पुलिस ने युवती को बरामद करने या उसके संबंध में पता लगाने का प्रयास ही नहीं किया और सौरभ तब से अब तक जिला जेल में ही है। बीते महीने हाईकोर्ट की सख्ती के बाद एसएसपी अमित पाठक के निर्देश पर सीओ पिंडरा अभिषेक कुमार पांडेय ने तफ्तीश शुरू की तो पता लगा कि युवती शहर में ही रह रही है।
23 अक्तूबर को युवती को पांडेयपुर क्षेत्र से बरामद किया गया तो उसने पुलिस को बताया कि वह शादी करके अपने पति के साथ आराम से रह रही है। साथ ही, वह भोजपुरी सिनेमा और सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफार्म पर सक्रिय है। इसके बाद जाकर 15 माह पहले गायब हुई युवती के प्रकरण का पटाक्षेप हुआ और पुलिस ने राहत की सांस ली। फूलपुर थाने की पुलिस अब युवक की रिहाई के प्रयास में जुट गई है।
हाईकोर्ट ने एसएसपी को किया तलब तो सुलझी गुत्थी
सौरभ दूबे के साथ उसके मामा सुधीर पाठक को भी युवती के पिता ने मुकदमे में आरोपी बनाया था। इसे लेकर सुधीर ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। इस पर हाईकोर्ट ने एसएसपी अमित पाठक को व्यक्तिगत रूप से तलब किया तो उन्होंने सीओ पिंडरा अभिषेक कुमार पांडेय को प्रकरण की जांच नए सिरे से करने के लिए कहा।
सीओ पिंडरा ने जांच शुरू की तो युवती की पांडेयपुर क्षेत्र स्थित एक शोरूम की फोटो मिली। इसी बीच युवती के टिक-टॉक सहित सोशल मीडिया के अन्य प्लेटफार्म पर वीडियो मिले तो उनकी तस्दीक कराई गई। अंततः अपने पति के साथ रह रही युवती पांडेयपुर क्षेत्र से बरामद कर ली गई।