ज्ञानवापी मस्जिद में जुमे की नमाज पुलिस के सख्त पहरे में अदा की गई। परिसर से एक किलोमीटर तक का दायरा छावनी में तब्दील रहा। नमाजियों के अलावा किसी और को ज्ञानवापी की तरफ आने-जाने की इजाजत नहीं थी। अंजुमन इंतजामिया कमेटी की अपील का भी असर देखने को मिला। पहलेे जुमे के मुकाबले शुक्रवार को नमाजियों की संख्या सीमित रही। नमाज सकुशल संपन्न हो गई।
शुक्रवार को 11 बजे से ही गेट नंबर चार की तरफ जाने वाले वाहनों को रोक दिया गया। चौक की तरफ से मणिकर्णिका द्वार और गोदौलिया की तरफ से शापोरी मॉल के पास बैरिकेडिंग की गई थी। पैदल आनेजाने वालों को पूछताछ के बाद प्रवेश दिया गया। सड़क पर ही मोबाइल से फोटो ले रहे दो युवकों का मोबाइल पुलिस ने जब्त कर लिया और बाद में चेतावनी देकर छोड़ दिया। एक बजे के बाद होने वाली नमाज के लिए दोपहर 12 बजे से ही नमाजियों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। 1.30 बजे तक नमाजी मस्जिद में पहुंच गए थे। वह घर से ही वजू कर नमाज अदा करने पहुंचे थे, जो नमाजी वजू कर नहीं आए उन्हें ज्ञानवापी के सामने एक मकान में भेजा गया। दोपहर एक बजे नमाज के लिए मुफ्ती बनारस अब्दुल बातिन नोमानी ज्ञानवापी पहुंचे और व्यवस्था का जायजा लेने के बाद नमाज शुरू कराई। अजान के बाद जुमे का खुत्बा शुरू हुआ और फिर नमाजियों ने जुमे की नमाज अदा की। मुल्क में अमन व चैन की दुआ के साथ खुदा की राह में शुक्र का सजदा किया। दोपहर दो बजे तक नमाज होने के बाद नमाजी मस्जिद से निकलने लगे। जिला प्रशासन ने नमाजियों की सुविधा के लिए दो ड्रम पानी और 50 वजू के लोटे मस्जिद परिसर में रखवाए थे।