बता दें कि अदालत ने अतुल राय को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल भेज दिया है। अतुल के समर्पण की भनक लगने पर शनिवार सुबह कचहरी परिसर में लंका पुलिस ने घेरेबंदी की लेकिन वो चकमा देने में कामयाब रहे। अतुल के समर्पण के दौरान दीवानी कचहरी परिसर में उनके समर्थकों की भीड़ उमड़ी हुई थी।
बलिया जिले की रहने वाली यूपी कॉलेज की पूर्व छात्रा बीती एक मई को लंका थाने में अतुल के खिलाफ दुष्कर्म सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराई थी। गिरफ्तारी से बचने और अरेस्ट स्टे के लिए अतुल हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक गए लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली।
इस बीच पुलिस का दबाव बढ़ता देख अतुल राय ने बीते दिनों अदालत में समर्पण की अर्जी दी थी। बताया जा रहा है कि अब लंका पुलिस अतुल की कस्टडी रिमांड के लिए अदालत में आवेदन देगी। कस्टडी रिमांड मिलने पर अतुल से पुलिस वारदात के संबंध में पूछताछ करेगी।
बता दें कि गाजीपुर जिले के भांवरकोल थाना के वीरपुर के मूल निवासी अतुल राय मंडुवाडीह थाने के हिस्ट्रीशीटर हैं और पंजाब की जेल में बंद मऊ सदर विधायक मुख्तार अंसारी के करीबियों में एक है। अतुल के खिलाफ वाराणसी और गाजीपुर सहित आसपास के अन्य जिलों में गंभीर आपराधिक आरोपों में 15 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं।