शनिवार सुबह डॉक्टरों ने हालत सुधरने पर बच्चों के साथ मां को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया। उधर, घर पहुंचने के बाद काफी संख्या में ग्रामीण दरवाजे पर जुट गए। पत्नी घर के अंदर चली गई लेकिन बच्चे सहमे हुए दिखे। यह देख पिता ने बच्चों को दुलारना शुरू कर दिया। उसने कसम खाई कि भविष्य में कभी नशा नहीं करेगा।