उन्नाव। एडीओ को चार्ज देकर छुट्टी पर जाने वाले डीपीआरओ ने न तो डीएम को और न ही सीडीओ की अनुमति ली। गुरुवार को बांगरमऊ विधायक कार्यालय पहुंचे तो डीपीआरओ की कुर्सी खाली मिली। इसके बाद जानकारी सीडीओ को दी तो उनका पारा चढ़ गया। उन्होंने तुरंत कर्मचारी को बुलाकर कक्ष में ताला डलवाया और पूरे मामले की जानकारी डीएम को दी।
शासन ने 16 जुलाई को लखनऊ में तैनात गिरीशचंद्र साहू को उन्नाव का डीपीआरओ बनाया था। गिरीशचंद्र साहू ने 7 अगस्त में आकर चार्ज लिया था। 18 अगस्त को उन्होंने उपनिदेशक पंचायत को पत्र भेजकर 19 अगस्त से 7 सितंबर तक चिकित्सीय अवकाश का अनुरोध किया था। इसकी प्रति सीडीओ को भेजी थी। हालांकि डीएम व सीडीओ से अवकाश की अनुमति लिए बिना ही मुख्यालय छोड़कर चले गए थे। गुरुवार को बांगरमऊ विधायक श्रीकांत कटियार डीपीआरओ कार्यालय गए तो वहां अधिकारी नहीं मिले। इस पर उन्होंने सीडीओ से डीपीआरओ के न मिलने पर नाराजगी जताई। इससे पहले 25 अगस्त को पुरवा विधायक अनिल सिंह व एमएलसी सुनील सिंह ने फोन पर सीडीओ से डीपीआरओ के न मिलने की शिकायत की थी।
डीपीआरओ गिरीशचंद्र साहू ने बिना सीडीओ के अनुमोदन के बीघापुर एडीओ पंचायत गुलपतराम को चार्ज दे दिया था। इस पर सीडीओ ने कर्मचारी को भेजकर डीपीआरओ के कक्ष में ताला डलवा दिया। डीएम को भेजी गई रिपोर्ट में सीडीओ ने बताया है कि जनपदीय सक्षम अधिकारी की अनुमति लिए बिना मुख्यालय छोड़कर जाना डीपीआरओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का आधार बनता है। सीडीओ ने डीएम से डीपीआरओ के खिलाफ शासन से अनुशासनात्मक कार्रवाई कराए जाने की संस्तुति की है।