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सोनभद्र में दस घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद पकड़ा गया तेंदुआ, इलाज के लिए भेजा गया कानपुर चिड़ियाघर 

Mon, 08 Nov 2021 08:07 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र

सार

सोनभद्र में पखवारे भर से भटक रहा तेंदुआ सोमवार को पकड़ लिया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। तेंदुए को क्षेत्रीय रेंज कार्यालय से उपचार के लिए कानपुर चिड़ियाघर भेज दिया गया।
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सोनभद्र में तेंदुए को बसनिया जंगल से पकड़ा गया। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सोनभद्र में घोरावल तहसील के पश्चिमी क्षेत्र में पखवारे भर से भटक रहा तेंदुआ सोमवार को तड़के तीन बजे पकड़ लिया गया। वन कर्मियों और पुलिस की दस घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तेंदुए को बसनिया जंगल से पकड़ा गया। इसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। तेंदुए को क्षेत्रीय रेंज कार्यालय ले जाया गया वहां से उसे उपचार के लिए कानपुर चिड़ियाघर भेज दिया गया।

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वन एवं पुलिस विभाग द्वारा रविवार देर शाम से चलाए गए सर्च ऑपरेशन में करीब 10 घंटे तक कड़ी मशक्कत के बाद सफलता मिली। घुवास गांव से करीब तीन किलोमीटर दक्षिण बसनिया के जंगल में तेंदुआ महुआ के पेड़ के नीचे मिला। वन विभाग की टीम उसे पकड़कर घोरावल वन रेंज कार्यालय ले आई। सूचना मिलते ही उसे देखने के लिए घोरावल वन रेंज कार्यालय पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।

डीएफओ मिर्जापुर आशुतोष जायसवाल व वन्य जीव प्रतिपालक राकेश कुमार भी घोरावल वन रेंज कार्यालय पहुंचे और तेंदुए के बारे में जानकारी ली। बताते चलें कि पिछले 15 दिनों से एक तेंदुआ घुवास गांव के आसपास भटक रहा था। पहले तो लोगों ने इसे अफवाह समझा, लेकिन शनिवार को कई ग्रामीणों ने तेंदुए को देखा।

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रविवार सुबह घुवास निवासी दिनेश यादव व उसके चचेरे भाई मनोज ने खेत में जाते समय सपनिया गांव में एक पेड़ के नीचे तेंदुए को देखा। उसका फोटो व वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। इसके बाद वन विभाग व प्रशासन हरकत में आया। वन क्षेत्राधिकारी सुरजू प्रसाद ने टीम गठित की। उभ्भा पुलिस के सहयोग से रविवार शाम पांच बजे से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।

सोमवार को तड़के तीन बजे तेंदुई सपनिया जंगल में महुआ के पेड़ के नीचे दिखाई दिया। उसे जाल, रस्सी व बांस की मदद से पकड़कर पिंजरे में बंद किया गया और वन रेंज कार्यालय घोरावल लाया गया। तेंदुआ पकड़ने वाली टीम में वन दारोगा अंजनी मिश्रा, राजन मिश्रा, रमाशंकर सिंह, संतोष कुमार सिंह, विश्वजीत मौर्य, राम अभिलाष वर्मा, ओमप्रकाश, पप्पू, उभ्भा चौकी इंचार्ज धर्मेंद्र यादव आदि शामिल रहे।

वन क्षेत्राधिकारी सुरजू प्रसाद ने बताया कि बसनिया जंगल में पकड़ा गया तेंदुआ नर प्रजाति का है, जिसकी लंबाई करीब छह फीट व उम्र चार वर्ष है। उच्चाधिकारियों एवं डॉक्टर के निर्देशानुसार उसे उपचार के लिए कानपुर चिड़ियाघर भेजा गया है।
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तेंदुए की हालत गंभीर, बेहतर उपचार की जरूरत

वन विभाग के कार्यालय में पिंजरे में बंद तेंदुआ काफी कमजोर और शांत था। उसकी एक आंख चोटिल थी। कयास लगाया जा रहा है कि तेंदुआ गंभीर रूप से बीमार है। वन विभाग की सूचना पर उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जय सिंह ने तेंदुए की जांच की। डॉ. जय सिंह ने बताया कि तेंदुए बीमार है और उसकी हालत गंभीर है।
 
पहले भी इलाके में आ चुका है तेंदुआ

घोरावल तहसील की पश्चिमी सीमा से सटे मिर्जापुर के हलिया के जंगलों में जनवरी 2021 में तेंदुए की चहलकदमी के संकेत मिले थे। तेंदुहार, तेंदुआ, घुवास, परसौना, मजूरही, लाली, मूर्तिया, उभ्भा आदि गांव जंगल के पास बसे हैं। इसके एक तरफ हलिया (मिर्जापुर) के जंगल पड़ते हैं तो दूसरी तरफ मध्यप्रदेश के जंगल हैं।

ढाई साल पहले 23 मार्च 2019 को घोरावल कोतवाली क्षेत्र में मिर्जापुर-सोनभद्र की सीमा पर जंगली क्षेत्र से सटे नौगढ़वा निवासी रामबाबू गोंड (22) पुत्र राजाराम पर बलुई बंधे की तरफ से लौटते समय तेंदुए ने हमला कर दिया था। मार्च 2019 में ही महुअरिया के ब्लैक बक जंगल में एक मादा तेंदुआ और उसके दो बच्चों की लोकेशन मिली थी।
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