जिले के छात्र-छात्राओं सहित 15 लोग फंसे हैं यूक्रेन में
-वीडियो कालिंग से परिवार के लोग ले रहे हैं खबर
- बंकर और हॉस्टल के बेसमेंट में छिपे हैं छात्र-छात्राएं
सिद्धार्थनगर। जिले के 15 लोग यूक्रेन में फंसे हैं, इनमें 13 छात्र-छात्राएं हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण वे हॉस्टल के बेसमेंट और बंकर में छिपे हैं। इनमें से कुछ विद्यार्थी पोलैंड और रोमानिया बार्डर पर पहुंच चुके हैं। इन छात्र-छात्राओं के परिजन बच्चों को यूक्रेन से बाहर निकालने के लिए भारत सरकार से मदद मांग रहे हैं। यूक्रेन से आ रही बमबारी की फोटो, वीडियो में भयावह तस्वीरें देखकर परिवार के लोगों का आंसू नहीं रुक रहा है।
आपदा प्रबंधन के सलाहकार अनुपम शेखर तिवारी ने बताया कि यूक्रेन में फंसे लोगों की सूची में जिले के 15 लोगों का नाम शामिल है। इनमें 13 मेडिकल छात्र-छात्राएं हैं। यूक्रेन में भारतीय दूतावास छात्र-छात्राओं व अन्य लोगों की मदद कर रहा है, जबकि यूक्रेन में फंसे छात्र-छात्राएं चुपके से वीडियो बनाकर भेज रहे हैं और भारत सरकार से खुद को बाहर निकालने के लिए मदद की गुहार लगा रहे हैं।
कड़ाके की ठंड में आठ किमी चले पैदल
डुमरियागंज। यूक्रेन में फंसे मेडिकल की पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्र खौफ के साए में जी रहे हैं। जहां छात्र हैं, वहां आसपास के क्षेत्रों में गोलाबारी की आवाजें साफ सुनाई पड़ रही है। यूक्रेन में फंसे मेडिकल छात्र औसानपुर निवासी आमिर अहमद ने बताया कि यूक्रेन के लवीव शहर से 6 बसों में बैठकर करीब चार सौ छात्र रोमानिया के लिए निकल पड़े हैं। रास्ता जाम होने की वजह से इस कड़ाके की ठंड में करीब 8 किमी पैदल चलकर बार्डर पर पहुंच गए हैं, लेकिन वहां स्थित एंबेसी में किसी को घुसने नहीं दिया जा रहा है।
आमिर ने बताया कि उन्हें डराने के लिए 6 राउंड फायर भी किया गया। किसी तरह केवल 8 से 10 लड़कियों को अंदर जाने दिया गया। वे भी किसी तरह छुप छुप कर अंदर पहुंचे।
भारत सरकार के पहल की परिजन कर रहे सराहना
शोहरतगढ़। रूस के हमले से यूक्रेन में रविवार को भी दहशत का माहौल रहा। जिले के कई छात्र यूक्रेन में फंसे हुए हैं। शुक्रवार की रात छात्रों ने बंकर में गुजारी। शनिवार को लगभग सात सौ छात्र पोलैंड बार्डर व रोमानिया बॉर्डर पर पहुंचे हैं। उसमें से एक छात्र शोहरतगढ़ कस्बे का निवासी है।
अब यहां से उनको हवाई सेवा से भारत लाने की तैयारी है। छात्रों के परिजन पल-पल की जानकारी वीडियो कॉलिंग व व्हाट्स एप से ले रहे हैं। शोहरतगढ़ कस्बा निवासी खान मोहम्मद यूसूफ ने फोन के जरिए अपने पिता शकील खा व चाचा वकील खान को बताया कि वह पोलैंड बार्डर पर पहुंच गए हैं। कुछ छात्र रोमानिया बार्डर से निकाले जाएगे। छात्र खान मोहम्मद यूसूफ ने पिता से कहा कि धमाके बढ़ने पर दो दिन बंकर बंद थे। दूसरे देश के बॉर्डर पर पहुंच गए। अभी भी घबराहट और डर लग रहा है, लेकिन अब सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। यह सुनकर छात्र खान मोहम्मद यूसूफ के परिजनों के आंख में आंसू आ गए। सभी छात्रों की सलामती की दुआ करने लगे।
बात के दौरान आने लगी फायरिंग की आवाज
भवानीगंज। भवानीगंज क्षेत्र के बनगवांनानकार और भड़रिया के दलमीर डीह के दो छात्र यूक्रेन में रहकर मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं।
यूक्रेन में एमबीबीएस कर रहे राहुल प्रताप पांडे के भाई महेंद्र प्रताप पांडे ने बताया के शनिवार की रात करीब 10:30 बजे राहुल से बात हो रही थी, उसी दौरान अचानक फायरिंग की आवाज आने लगी। गोलीबारी की आवाज सुनकर वे विद्यालय के बेसमेंट में चले गए। उसके बाद फोन कट गया और परिवार के लोग रोने लगे।
राहुल के भाई महेंद्र पांडे ने बताया कि शासन प्रशासन से भी कोई सहयोग प्राप्त नहीं हो रहा है। अखलाक अहमद के भाई अशफाक ने बताया कि उनके निकलने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा है। वे हॉस्टल के बेसमेंट में छिपे हुए थे। पानी की बहुत ज्यादा किल्लत है। 700-800 बच्चे फंसे हुए हैं।