शामली। दिल्ली में संयुक्त किसान मोर्चा ने 26 जनवरी 2021 को ट्रैक्टर मार्च किया था। इसी दिन जनपद मुख्यालय पर ट्रैक्टर मार्च भैंसवाल के ग्रामीणों ने किया था। जिसमें उमेश कुमार सहित नौ लोगों को नामजद करते हुए और 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
इसके साथ ही 27 जनवरी 2021 को जिला प्रशासन ने फोर्स के साथ भैंसवाल पहुंचकर ग्रामीणों को को डराया धमकाया, लेकिन गांव वालों ने इसका डटकर विरोध किया। जिससे प्रशासन बैकफुट पर आया और अधिकारियों को वापस लौटना पड़ा। गाजीपुर बॉर्डर पर सर्वप्रथम रसद सामग्री पहुंचाने एवं खाने पीने की व्यवस्था की शुरुआत भी गांव भैंसवाल से हुई थी। प्रतिदिन गांव से लगभग दो क्विंटल दूध लेकर एवं सब्जियां लेकर गाड़ी गाजीपुर बॉर्डर पर जाती थी।
भाजपा जनप्रतिनिधियों को झेलना पड़ा था विरोध
भैंसवाल गांव में केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, राज्य के पंचायतीराज मंत्री भूपेंद्र चौधरी भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहित बेनीवाल, विधायक तेजेंद्र निर्वाल को ग्रामीणों का विरोध झेलना पड़ा था। इसके बाद जगह-जगह भाजपा नेताओं के विरोध की खबरें आनी शुरू हो गई थी।
मुकदमों के विरोध में जयंत ने बिना अनुमति की थी महापंचायत
भैंसवाल गांव के ग्रामीणों पर दर्ज हुए मुकदमों के विरोध में रालोद अध्यक्ष चौधरी जयंत ने पांच फरवरी को महापंचायत का एलान किया था। जिसकी प्रशासन ने अनुमति नहीं दी थी। अनुमति के बिना ही भैंसवाल गांव में महापंचायत हुई। जिसमें बड़ी संख्या में किसान जुटे थे। जयंत महापंचायत में जमकर गरजे थे। उन्होंने कहा था कि किसानों की तरफ उठने वाली हर उंगली तोड़ दी जाएगी।