मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत डीएम ने सोमवार को नि:शुल्क कोचिंग सेंटर का शुभारंभ किया। इस बीच डीएम मनीष बंसल ने प्रतियोगी छात्रों को टिप्स भी दिए।
उन्होंने कहा कि प्रतियोगी छात्र-छात्राएं अपने मन में यह भाव न लाएं, कि बड़े नगरों के छात्र-छात्रा ही प्रतियोगिता में सफल हो सकते हैं। यदि लक्ष्य तय करके कड़ी मेहनत की जाए, तो सफलता जरूर मिलेगी। प्रशासनिक क्षेत्र में जाने वाले छात्र छात्राओं को अपने अनुभव साझा करते हुए डीएम का कहना था कि यूपीएससी किसी को वैज्ञानिक या इतिहासकार बनाने के लिए परीक्षा नहीं कराती है। वह छात्र के अंदर एक प्रशासनिक दृष्टिकोण आंकने के लिए परीक्षा कराती है। डीएम बोले, इस परीक्षा को पास करने के लिए एक लक्ष्य निर्धारित कर कठिन परिश्रम करें।
सीडीओ उमेश कुमार त्यागी ने भी विचार रखे। डीएसडब्ल्यूओ शैलेंद्र कुमार गौतम ने बताया कि कोचिंग सेंटर में यूपीएससी व यूपीपीएससी की तैयारी के लिए 96, नीट के लिए 45, जेईई-आईआईटी के लिए 13 व एनडीए/सीडीएस के लिए 20 छात्र-छात्राओं के सेंटर पर नि:शुल्क रजिस्ट्रेशन किए गए हैं। उन्होंने बताया कि सभी कक्षाएं अपराह्न 3 बजे से शाम 6 बजे तक संचालित रहेंगी। डीआईओएस मनोज कुमार आर्य व डीआईओ बृजेश कुमार आदि रहे।