नगर के शंकर चौराहा के नजदीक स्थित बाबा मल्लक शाह मियां की दरगाह पर आयोजित सालाना उर्स में महफिल-ए-कव्वाली का आयोजन किया गया। इसमें कुल शरीफ की रस्म के साथ उर्स का समापन किया गया।
बाबा मल्लक शाह मियां की दरगाह पर आयोजित सालाना उर्स कि अवसर पर अंतिम दिन उझारी से आए कव्वाल असलम वारसी ने सूफियाना कलाम पेश किया। मन कुन्तो अली मौला से कार्यक्रम का आगाज किया गया। इसके बाद मेरे पीर की गुलामी मेरे काम आ गई, मेरे सरकार मेरी लाज निभाए रखना आदि कलाम पेश कर सबको झूमने पर मजबूर कर दिया। सुबह चार बजे कुल शरीफ की रस्म के साथ उर्स का समापन किया गया। मुल्क व शहर में अमन शांति और भाईचारे की दुआ की गई। कुल के बाद सभी को तर्बरूक बांटा गया और दरगाह पर गुस्ल शरीफ की रस्म अदा की गई। इस अवसर पर मुन्ना खां, हाफिज अफजाल, मौलाना फैजुल इस्लाम, चंदा खां, मोहम्मद अली, भूरा खां, अलीम, मोहम्मद नसीर, जमीर अहमद, बब्बू खां आदि मौजूद रहे।