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यूपी: आरक्षण ने ब्लाक प्रमुख के दावेदारों का खेल बिगाड़ा, यहां पहली बार बनेगी ओबीसी महिला प्रमुख

Thu, 04 Mar 2021 11:57 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
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पंचायत चुनाव
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सहारनपुर में सीटों के आरक्षण ने ब्लाक प्रमुख पद के बहुत से दावेदारों का खेल बिगाड़ दिया। कुछ ने अभी भी हिम्मत नहीं हारी है और वे जिला पंचायत सदस्य चुनाव के लिए ताल ठोंकते दिख रहे हैं। इसके लिए उन्होंने अपने अपने दलों में जुगत लगाने शुरू कर दी है। 

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गंगोह में इस बार अनुसूचित जाति महिला के लिए ब्लाक प्रमुख पद आरक्षित हुआ है। यहां चौधरी रुद्र सैन समर्थक निवर्तमान ब्लाक प्रमुख के पति ऋषिपाल चौधरी, कांग्रेस से शिवराज सिंह, भाजपा से पूर्व ब्लाक प्रमुख दिनेश चौधरी प्रमुख दावेदार थे जो पिछले काफी दिनों से अपनी तैयारी में जुटे थे, लेकिन आरक्षण ने इनका खेल बिगाड़ दिया है। दिनेश चौधरी ने बताया कि वे अब जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ेंगे। शिवराज सिंह का कहना है कि जिला पंचायत सदस्य चुनाव लड़ा जाएगा, फिर विधानसभा के लिए दावेदारी होगी। उधर, ऋषिपाल सिंह असमंजस में हैं, क्योंकि उनकी जिला पंचायत सीट वार्ड नंबर 20 भी अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गई है। वे समर्थकों से सलाह कर रहे हैं।

नानौता ब्लाक में बसपा से पूर्व में उपविजेता रही उम्मे हबीबा पत्नी शाहनवाज अख्तर उर्फ अब्बी प्रधान, भाजपा से निवर्तमान प्रमुख पति ऋषिपाल राणा, सपा से विलास राणा, पूर्व प्रधान विश्वास राणा, पूर्व प्रधान अब्बास चौधरी मजबूत दावेदारी कर रहे थे, लेकिन सीट अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित होने के चलते इन सबके अरमानों पर पानी फिर गया है। अब इनमें से कुछ समर्थकों को लड़ाने की जुगत लगा रहे हैं तो कुछ जिला पंचायत में तकदीर अजमाने की सोच रहे हैं। 
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सपा जिलाध्यक्ष उपाध्यक्ष एवं पूर्व चेयरमैन अफजाल खान ने बताया कि नये समीकरणों में अब विलास राणा को जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ाया जाएगा। साढ़ौली कदीम में ब्लाक प्रमुख पद पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित हुआ है। इस बार इस पद के लिए भाजपा जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र बंसल मजबूत दावेदारी कर रहे थे। जो अब दौड़ से बाहर हो गए हैं। बसपा विधान सभा क्षेत्र अध्यक्ष बबलू कुमार ने बताया कि पूर्व ब्लाक प्रमुख हंसराज गौतम और हाजी राव लईक में से किसी एक को इस पद के लिए फिर से प्रत्याशी बनाया जाता है, लेकिन अब यह संभव नहीं है। साढ़ौली कदीम की आठ, नौ और दस तीनों सीटें आरक्षित वर्ग में चली गई हैं ऐसे में ये जिला पंचायत में भी तकदीर नहीं अजमा पाएंगे।
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नानौता ब्लाक में पहली बार बनेगी ओबीसी महिला प्रमुख
नानौता विकास खंड क्षेत्र में आजादी के बाद पहली बार कोई पिछड़े वर्ग की महिला प्रमुख बनेगी। इसके साथ ही इस सीट को लगातार तीसरी बार महिला ही संभालेगी। वर्ष 1972 में अस्तित्व में आई इस क्षेत्र पंचायत के प्रमुख के चुनाव में पहली बार ठाकुर मानसिंह ब्लॉक प्रमुख बने जो वर्ष 1983 तक कार्यरत रहे। इसके बाद वर्ष 1984 में गांव टिकरोल निवासी सुरेश पाल सिंह भी लगातार दो बार ब्लॉक प्रमुख पद वर्ष 1995 तक कायम रहे। वर्ष 1995 में गांव भारी दीनदारपुर निवासी ठाकुर गजेंद्र सिंह, वर्ष 2001 में गांव खुड़ाना निवासी कृष्ण कुमार पुंडीर, वर्ष 2006 में अनुसूचित वर्ग से अमर सिंह फौजी, वर्ष 2011 में बड़गांव क्षेत्र के गांव बढे़डी निवासी नीलम राणा, वर्ष 2016 में भी बड़गांव क्षेत्र की मुश्कीपुर निवासी चांदनी राणा ब्लॉक प्रमुख बनी।

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