- सगीर की मौत होने पर विलाप करते परिजन
- फोटो : SAHARANPUR
जम्मू कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमले के दौरान सहारनपुर के रहने वाले सगीर अहमद (58 वर्षीय) की मौत हो गई। वह जिस मकान में में किराए पर रहते थे, उसी में घुसकर आतंकियों ने गोलियां बरसाईं। सगीर अहमद के पेट में गोलियां लगीं, जिस कारण उन्हें अस्पताल ले जाने पर मृत घोषित कर दिया गया।
उधर, उनकी मौत की खबर मिलने पर सहारनपुर में रह रहे परिवार में मातम पसर गया। सगीर अहमद पुत्र बुंदू हसन का परिवार सहारनपुर शहर के कुतुबशेर थाना क्षेत्र स्थित मोहल्ला सराय हिसामुद्दीन में रहता है। क्षेत्रीय पार्षद मंसूर बदर ने बताया कि सगीर अहमद लकड़ी की छिलाई और कटाई का कार्य करते थे। वह एक साल पहले ही सहारनपुर से पुलवामा के एजाज अहमद वानी की फर्म में काम करने गए थे।
शनिवार शाम को एजाज अहमद वानी की फर्म के कर्मचारी शमशु जमा ने परिवार को कॉल करके इस घटना के बारे में जानकारी दी और बताया कि आतंकी हमले के दौरान गोलियां लगने से सगीर अहमद की मौत हो गई है। उन्होंने फोन पर कहा कि अभी शव का पोस्टमार्टम होगा, इसलिए परिवार के दो सदस्यों को उन्होंने जम्मू आने के लिए कहा।
पत्नी, बेटी और बेटों का रो रोकर बुरा हाल
सगीर अहमद के परिवार में उनकी पत्नी के अलावा चार बेटी और एक बेटा जहांगीर हैं। सबसे छोटी बेटी शोबी अविवाहित है। जैसे ही परिवार को उनकी मौत होने के बारे में पता चला तो परिजनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया। आसपास के लोग भी उनके मकान पर पहुंचे और घटना पर दुख जताया। पार्षद मंसूर बदर ने कहा कि यह दुर्भाग्य है कि यूपी के लोगों को रोजगार के लिए जम्मू कश्मीर जाना पड़ रहा है और अपनी जान गवां रहे हैं। यदि यूपी के दस्तकारों को यही उचित काम मिल जाए तो जम्मू कश्मीर जाने की जरूरत ही ना पड़े।
- सगीर की मौत होने पर मौके पर पहुंचे क्षेत्रीय पार्षद मंसूर बदर और अन्य लोग- फोटो : SAHARANPUR