स्मार्ट सिटी को 560 करोड़ का झटका
1495 सहारनपुर में होने थे खर्च, 460 करोड़ रुपये पीपीपी मॉडल पर लगाने को कंपनी नहीं आई आगे, 100 करोड़ रुपये भी कुछ अन्य कार्यों के नहीं जुटे
जगदीप कुमार
सहारनपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी स्मार्ट सिटी योजना को सहारनपुर में करीब 560 करोड़ रुपये का झटका लगता नजर आ रहा है। निगम अधिकारियों के प्रयासों के बाद भी कंपनियां सहारनपुर में काम करने में दिलचस्पी नहीं ले रही हैं। कुछ अन्य कार्यों के लिए स्थानीय स्तर पर 100 करोड़ रुपये के बजट की व्यवस्था भी नहीं हो पा रही है। ऐसे में अब यह योजना घटकर करीब 930 करोड़ रुपये की रह गई है।
योजना के तहत सहारनपुर शहर को स्मार्ट बनाने के लिए 1495 करोड़ 38 लाख रुपये खर्च होना प्रस्तावित था। करीब 460 करोड़ रुपये के कार्य पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) के तहत होने थे। इसमें निजी कंपनियों को सहारनपुर में पैसा खर्च करना था। कंपनियां कामर्शियल कांप्लेक्स, मल्टीस्टोरी पार्किंग आदि बनातीं। योजना को सफल बनाने के लिए नगर निगम की ओर से 19 जनवरी 2019 को इंवेस्टर्स मीट का आयोजन किया गया था, जिसमें 16 निजी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। इनमें ज्यादातर कंपनियां स्थानीय ही थीं। स्मार्ट सिटी की टीम ने प्रोजेक्टर के माध्यम से कंपनियों के समक्ष शहर के विकास का खाका प्रस्तुत किया था और कंपनियों को कार्य करने के लिए आमंत्रित किया था। इंवेस्टर्स मीट को हुए करीब दो वर्ष बीत चुके हैं, मगर कोई बड़ी कंपनी काम करने को राजी नहीं हुई है। करीब 100 करोड़ रुपये के कुछ अन्य कार्य भी लटकते नजर आ रहे हैं।
तीन साल में ये हुआ...
स्मार्ट सिटी योजना में सहारनपुर का चयन 19 जनवरी 2018 में हुआ था। बीते करीब तीन साल में कई कमेटियां बनी हैं। डीपीआर शासन को भेजी हुई हैं, जिनमें से ज्यादातर पर शासन ने मुहर लगा दी है। आईसीसीसी (इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर) की बिल्डिंग तैयार है। कार्यों का टेंडर भी हो चुका है। फिलहाल शहर में लगने वाले सीसीटीवी कैमरे आदि के लिए सर्वे चल रहा है।
प्रमुख प्रस्तावित कार्य और खर्च
प्रस्तावित कार्य------------------------प्रस्तावित खर्च (करोड़ में)
मजबूत अवसंरचना-------------------302
विभिन्न व्यवस्थाएं-------------------291
सीवर और पेयजल-------------------172.30
परिवहन और फुटपाथ---------------145.10
पार्क और मैदान----------------------111.05
कचरा प्रबंधन-------------------------69.55
पानी की आपूर्ति----------------------69.50
बिजली आपूर्ति-----------------------60.03
उत्तरदाई शासन-----------------------55.60
सुरक्षा---------------------------------05.50
शिक्षा और स्वास्थ्य------------------1.50
वर्जन
स्मार्ट सिटी योजना में पीपीपी मोड पर होने वाले कार्यों के लिए इंवेस्टर्स मीट की गई थी। व्यक्तिगत तौर पर भी देश भर की बड़ी कंपनियों से संपर्क किए गए। मगर लीज के समय को लेकर कंपनियां राजी नहीं हैं। ऐसे में फिलहाल हम करीब 950 करोड़ रुपये के कार्यों को लेकर ही आगे बढ़ रहे हैं।
ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त/सीईओ, स्मार्ट सिटी सहारनपुर।