हरीपुर रेंज में धनारा घाट रोड से क्रॉस करते हाथी।
- फोटो : PILIBHIT
पूरनपुर। हाथियों के झुंड ने रात को बराही जंगल से सटे गांव चिपटिया में जमकर उत्पात मचाया। एक किसान की गन्ना की करीब एक एकड़ फसल नष्ट कर दी। गांव में एक घर का गेट और टिनशेड तोड़ दिया। शोर-शराबा पर हाथियों का झुंड बराही जंगल में घुस गया। रात को झुंड हरीपुर रेंज जंगल में पहुंच गया। जंगल से सटे किसान दहशत में है। निगरानी को टीमें लगाई गई है।
करीब दो महीने पहले शारदा नदी पार कर 14 जुलाई को हाथियों का झुंड हरीपुर जंगल में पहुंचा था। हाथियों के झुंड ने जंगल से सटे गांव राहुलनगर में रात को कई किसानों की गन्ना और हल्दी की फसलें नष्ट की थी। अगले दिन हाथियों का झुंड गांव नजीरगंज के खेतों में पहुंचा। यहां सात किसानों की धान की फसल को नष्ट कर दिया था। शोर-शराबा पर हाथियों का झुंड लखीमपुर की संपूर्णानगर रेंज की ओर चला गया था। 10 दिन बाद फिर हरीपुर जंगल में हाथियों के पहुंचने पर उनको खदेड़ने के प्रयास शुरू किए गए। इसके बाद हाथियों का झुंड बराही, महोफ रेंज होते हुए उत्तराखंड की सीमा में पहुंचा था। पिछले कई दिनों से महोफ, माला रेंज के समीप के खेतों में उत्पात मचाने के बाद शनिवार रात को हाथियों का झुंड बराही रेंज जंगल में पहुंचा। रात को हाथियों ने जंगल से सटे गांव चिमटिया निवासी अकरम के गन्ना की करीब एक एकड़ फसल को नष्ट किया। इसके बाद गांव चिमटिया पहुंचे झुंड ने गांव निवासी हारून के घर के दरवाजे को तोड़ दिया। टिनशेड को भी नुकसान पहुंचाया। सूचना पर ही रात को पहुंचे वनकर्मियों ने पटाखे दागे। एकत्र हुए लोगों ने जमकर शोर-शराबा किया। भारी शोर-शराबा पर हाथियों का झुंड बराही जंगल से होते हुए हरीपुर रेंज जंगल में पहुंच गया। हरीपुर रेंजर साजिद हसन ने बताया कि रविवार सुबह करीब तीन बजे हाथियों का झुंड जंगल में आया है। झुंड की निगरानी को टीमें लगा दी गई है। इधर, हाथियों के झुंड के दो महीने बाद फिर हरीपुर जंगल में आने की भनक पर जंगल किनारे गांवों के किसान दहशत में है। उधर, शारदा नदी पार गांव गोरखडिब्बी, थारू वस्ती में पिछले कई दिनों से उत्पात मचा रहे तीन हाथियों ने रात को भी खेतों में घुसकर किसानों की फसलें नष्ट की। बराही रेंजर वजीर हसन ने बताया कि हाथियों के झुंड पर निगरानी रखी जा रही है।