सिपाही पर गीरी गाज (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : Social Media (File Photo)
यूपी 100 के सिपाही मयंक सिंह की उत्तराखंड के गदरपुर में गोली मारकर हत्या करने के मामले में जिले में तैनात दो इंस्पेक्टर समेत तीन पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी है। सिपाही मयंक के तीन दिन तक ड्यूटी से गैरहाजिर रहने के जानकारी अफसरों को नहीं दी गई थी। एसपी ने कार्य में लापरवाही करने के आरोप में दो इंस्पेक्टर और एक सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया है। अभी इस मामले में सीओ की जांच रिपोर्ट आना बाकी है।
रामपुर के बिलासपुर थाना क्षेत्र के ग्राम चंदैला निवासी मयंक सिंह यूपी 100 में सिपाही था, जो पीलीभीत के माधोटांडा में यूपी 100 बाइक पर तैनात था। चार दिन पहले मंगलवार रात गदरपुर (उत्तराखंड) में एक ढाबे पर खाना खाने के दौरान मयंक सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना से पहले सिपाही मयंक सिंह बगैर छुट्टी लिए उत्तराखंड गया था। एसपी के निर्देश पर रिकॉर्ड चेक करने पर पता चला कि मयंक 11 अगस्त से गैरहाजिर चल रहा था। इसकी जानकारी न तो पुलिसकर्मियों को थी, और न ही अधिकारियों को। इस मामले में यूपी 100 के इंस्पेक्टर मुकेश कुमार और माधोटांडा थाना प्रभारी उमेश कुमार सोलंकी की लापरवाही सामने आई है।
सिपाही मयंक सिंह ड्यूटी पर है या नहीं, इसकी चेकिंग तक नहीं की गई थी। उधर, यूपी 100 बाइक पर तैनात दूसरे सिपाही गौरव सिंह ने भी मयंक के गैरहाजिर रहने की जानकारी अफसरों को नहीं दी। इस लापरवाही पर एसपी ने इंस्पेक्टर मुकेश कुमार, उमेश सिंह सोलंकी और सिपाही गौरव सिंह को लाइन हाजिर कर दिया।