सिविल लाइन निवासी चानुल त्यागी ने एसएसपी के आदेश पर सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। कहा कि वह वर्तमान में नौकरी कर रही है। वर्ष 2007 में शिक्षण कार्य करने के दौरान उसने पेन कार्ड बनवाने के लिए आयकर का काम करने वाले सुधीर व शलभ कुमार को हाई स्कूल की मार्कशीट व अन्य कागजात दिए थे। लगभग तीन माह पहले आयकर विभाग से उनके पास 27 लाख रुपये का नोटिस आया।
उन्होंने बैंक से जानकारी मांगी तो कर्मचारी पंकज ने आनाकानी की। पुलिस बुलाने की धमकी पर उन्हें चार दिन बाद आने को कहकर भेज दिया गया। जब वह बाद में बैंक पहुंची तो वहां पर शलभ बैठा हुआ था और बैंक कर्मचारी ने दोनों को बैठकर बातचीत करने को कहा। खाते की डिटेल्स से जानकारी मिली कि सुधीर के परिचय पर उनका खाता खुला था। गूगल सर्च करने पर उसके खाते से शलभ और सुधीर के परिवार की कंपनियों के नाम से करोड़ों का लेन-देन होने की जानकारी मिली। इसके बाद एसएसपी से शिकायत की गई।
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एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत ने कहा कि सुधीर और शलभ के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस जांच कर रही है।