कोर्ट में मोरना ब्लाक प्रमुख सहित तीन आरोपियों ने समर्पण किया
मुजफ्फरनगर। नकली शराब के मामले में भाजपा के मोरना ब्लॉक प्रमुख अनिल राठी सहित तीन लोगों ने गैंगस्टर कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया है। तीनों की जमानत अर्जी पर बृहस्पतिवार को सुनवाई होगी। वहीं, कोर्ट ने माफिया सुशील मूंछ समेत दो आरोपियों के कुर्की वारंट भी जारी कर दिए हैं।
संयुक्त निदेशक अभियोजन ओमप्रकाश मिश्रा ने बताया कि26 फरवरी 2003 को कस्बा मोरना में नकली व हरियाणा की शराब को विदेशी शराब का लेबल लगाकर बेचने के आरोप में भोपा थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में गांव मथेड़ी निवासी माफिया सुशील मूंछ, गांव करहेड़ा निवासी राजीव, सुनील, अनिल राठी, पूर्व प्रमुख ब्रह्मपाल, गांव बेहड़ा सादात निवासी पूर्व प्रधान उदयवीर और सेल्समैन रामपुर तिराहा निवासी राजेंद्र व नेपाल के लुमनी निवासी किशन शर्मा के खिलाफ अभियोग पंजीकृत किया गया था। तत्कालीन भोपा थानाध्यक्ष सुरेंद्र तेवतिया ने इन सभी आरोपियों को बाद में गैंगस्टर एक्ट में निरुद्ध किया था। सभी आरोपियों ने इस मुकदमे की सुनवाई पर हाईकोर्ट से स्टे ले लिया था, जो एक वर्ष पूर्व खत्म हो गया था। इसके बाद उन्हें आगे स्टे नहीं मिल पाया। इस पर गैंगस्टर कोर्ट ने सभी आरोपियों को अदालत में पेश होने के लिए समन जारी किए, लेकिन पेश न होने पर उनके वारंट और फिर गैर जमानती वारंट जारी करने के बाद कुर्की वारंट भी जारी कर दिए गए।
कुर्की से बचने के लिए 20 सितंबर को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राधेश्याम यादव की विशेष अदालत गैंगस्टर कोर्ट में सुनील, उदयवीर और राजेंद्र ने आत्मसमर्पण कर दिया था। इनमें राजेंद्र को 24 सितंबर को जमानत मिल गई थी। बुधवार को गैंग लीडर राजीव, पूर्व प्रमुख बह्मपाल, वर्तमान ब्लॉक मोरना प्रमुख अनिल राठी ने अदालत में आत्मसमर्पण किया। उनके अधिवक्ताओं ने जमानत अर्जी दाखिल की। अभियोजन पक्ष की ओर से वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी संदीप सिंह ने पैरवी करते हुए जमानत का विरोध कर दलील व सबूत पेश किए। इन पर गौर करते हुए न्यायाधीश ने सभी अभियुक्तों को जेल भेज कर आगे सुनवाई के लिए 30 सितंबर की तारीख नियत की। वहीं, कोर्ट में पेश न होने पर माफिया सुशील मूंछ व किशन शर्मा के कुर्की वारंट जारी कर दिए गए हैं।