कच्चा मकान गिरने पर मलबे में दबे पति-पत्नी और पुत्री की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण दौड़ पड़े। मलबे में दबकर नन्हकू(52), उसकी पत्नी अनारकली(48) और पुत्री गुंजा(22) गंभीर रूप से घायल हो गई।
आनन-फानन किसी तरह मलबा हटाकर तीनों को 108 एंबुलेंस से उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आए। जहां मां व पुत्री की हालत गंभीर होने पर मंडलीय अस्पताल रेफर कर दिया। परिवार को प्रधानमंत्री आवास का लाभ नहीं मिला था। आवास मिला होता तो परिवार कच्चे मकान में न रहता और हादसे का शिकार न होते।