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प्रजापति समाज ने मांगा आरक्षण, नारेबाजी और प्रदर्शन

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प्रजापति समाज ने मांगा आरक्षण, नारेबाजी और प्रदर्शन
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मेरठ। प्रजापति महासंघ उत्तर प्रदेश ने आरक्षण की मांग लेकर कमिश्नरी पार्क में प्रदर्शन किया। समाज को शिल्पकार वर्ग के अंतर्गत अनुसूचित जाति के जाति प्रमाण पत्र जारी करने की मांग की गई। सैकड़ों लोग दोपहर 12 बजे ही कमिश्नरी पार्क में पहुंच गए। जबरदस्त नारेबाजी की गई। मौके पर पहुंचे सीओ, एसीएम और एडीएम को लौटा दिया गया। शाम छह बजे डीएम को समाज के लोगों ने ज्ञापन सौंपा। दिल्ली और लखनऊ में भी घेराव करने की जानकारी दी गई।
कमिश्नरी पार्क में कुम्हार समाज के लोगों ने अपने घोड़े-तांगे बांध दिए, इसके बाद धरना दिया। अध्यक्षता कर रहे महासंघ के अध्यक्ष दारा सिंह प्रजापति ने कहा कि कुम्हार समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करने की दशकों पुरानी मांग पर राजनीतिक दलों ने सकारात्मक कदम नहीं उठाए हैं। जो दल अपने घोषणा पत्र में हमारी मांग को शामिल करेगा, उसे कुम्हार जाति का समर्थन मिलेगा। वर्ष 2013 में कुम्हारों के एक कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने कहा था कि अगर हमारी सरकार केंद्र व प्रदेश में दोनों जगह आई तो कुम्हारों को अनुसूचित जाति में शामिल करने की सभी बाधाओं को दूर किया जाएगा। सरकार में आने के बाद भाजपा वादे को भूल गई है।
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एससी एसटी आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष रमेश प्रजापति ने कहा कि मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव और गायत्री प्रसाद प्रजापति ने शिल्पकार वर्ग के अंतर्गत कुम्हारों को अनुसूचित जाति में शामिल कराने और लाभ दिलाने का भरपूर प्रयास किया। हाईकोर्ट इलाहाबाद से लिए गए स्टे आर्डर के कारण काम नहीं हो पाया है। अधिवक्ता सत्यवीर सिंह प्रजापति ने कहा कि भाजपा के कार्यकाल में 70 से अधिक प्रजापति समाज के लोगों की हत्या हो चुकी है, लेकिन सरकार मौन है। कार्यक्रम में भूलेराम प्रजापति, नरेश प्रधान, विनोद भगत, कुलदीप प्रजापति, बाबूराम प्रजापति, प्रेम प्रजापति, विनोद प्रजापति, देवेंद्र प्रजापति, सुशील प्रजापति, नीटू, मांगेराम, गुड्डू, ओंकार, घनश्याम, अनिल, पुनीत आदि मौजूद रहे।
प्रजाति समाज की मुख्य मांगें
- प्रजापति समाज को शिल्पकार वर्ग के अंतर्गत अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र दें।
- कुम्हार समाज की अलग से राजनीतिक हिस्सेदारी तय की जाए।
- केंद्र व राज्य सरकारें राजकीय सेवाओं में अलग से हिस्सेदारी तय करें।
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