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सियासत: पूर्व विधायक गोपाल काली ने दिनेश खटीक के राज्यमंत्री बनाने पर साधा निशाना, फेसबुक पर लिखी पोस्ट

Tue, 28 Sep 2021 04:13 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

 पूर्व विधायक गोपाल काली ने आरोप लगाया कि हस्तिनापुर के खादर क्षेत्र में तटबंध बनाने में लगभग 10 करोड़ का घोटाला हुआ है। इसके लिए वह मुख्यमंत्री से मिलकर शिकायत करेंगे। उन्होंने कहा कि वह हर रोज एक भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करेंगे। 
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पूर्व विधायक गोपाल काली - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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योगी मंत्रिमंडल के दूसरे विस्तार में उम्मीद लगाए बैठे पश्चिमी उप्र में कई विधायक मायूस हुए हैं। दिनेश खटीक पश्चिम से अकेले विधायक हैं, जिन्हें मंत्रिमंडल में जगह मिली है। खटीक को राज्य मंत्री बनाकर भाजपा ने सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश की है। दलित बाहुल्य पश्चिम उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति के गैर जाटव जातियों को लुभाने की कोशिश की है। वहीं राज्यमंत्री बनाए जाने पर दिनेश खटीक के खिलाफ हस्तिनापुर के पूर्व विधायक गोपाल काली ने सोशल मीडिया पर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने खटीक पर भ्रष्टाचार के भी आरोप लगाए हैं।

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पूर्व विधायक गोपाल काली ने अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट लिखते हुए कहा कि जब कोई हस्तिनापुर से विधानसभा चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं करता था, तब पार्टी ने मुझे घर से बुलाकर साल 1991 में विधानसभा और 1994 में उप चुनाव लड़ाया। मैंने मायावती मुलायम सिंह की सरकार में उसके साझा उम्मीदवार को कार्यकर्ताओं के बल पर हराया था। अब कुछ लोगों ने पार्टी को हाईजैक कर लिया है।

उन्होंने लिखा कि इतिहास गवाह है कि पांडवों की कुलवधू द्रौपदी का हस्तिनापुर की भरी राज्यसभा में चीर हरण हुआ और चीर हरण करने वाले दुर्योधन और दुशासन को हस्तिनापुर का युवराज बनाया गया। इतिहास दोहराया जा रहा है कि जो पिछले चार सालों से हस्तिनापुर की धरती का चीर हरण कर रहा है उसे राज्यमंत्री बनाया गया है। यह सारी कौरव सेना को ले बैठेगा।
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उन्होंने आरोप लगाया कि हस्तिनापुर के खादर क्षेत्र में तटबंध बनाने में लगभग 10 करोड़ का घोटाला हुआ है। इसके लिए वह मुख्यमंत्री से मिलकर शिकायत करेंगे। उन्होंने कहा कि वह हर रोज एक भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करेंगे।

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बता दें कि मेरठ मंडल से एकमात्र मंत्री गाजियाबाद से अतुल गर्ग हैं। बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल के विस्तार पर वेस्ट यूपी के भाजपा नेताओं खासतौर से विधायकों की नजरें लगी हुईं थी। लगभग एक दर्जन विधायक मंत्री पद पाने की उम्मीद संजोए थे। शॉर्ट नोटिस पर हुए विस्तार के पिटारे में केवल दिनेश खटीक का नाम निकला। दिनेश राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे हैं। भाजपा के पुराने कार्यकर्ता हैं। उन्हें मंत्री बनाकर भाजपा ने पुराने कार्यकर्ता को सम्मान देने के साथ पश्चिमी यूपी के समाजिक समीकरणों को दुरुस्त करने की कोशिश की है।

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गौरतलब पश्चिमी उप्र के सभी जिलों में अनुसूचित जाति के मतदाताओं की खासी तादाद है। मुस्लिमों के बाद सबसे बड़ा वोट बैंक इन्हीं का है। अनुसूचित जाति में जाटव मतदाता पर अभी भी आमतौर पर बसपा का रंग चढ़ा हुआ है। भाजपा के दिनेश खटीक को गैर जाटव चेहरे के तौर पर आगे बढ़ाया है।
 
दिनेश खटीक के पिता देवेंद्र खटीक ने कहा कि उनका परिवार तीन पीढ़ियों से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़ा हुआ है। देवेंद खटीक के दादा सगवा सिंह और उनके पिता बनवारी लाल भी संघ से जुड़े रहे। पिता ने बताया कि दिनेश राजनीति में हमेशा लगे रहते हैं। 

दिनेश के भाई नितिन खटीक जिला पंचायत सदस्य रहे हैं। तीन बहनें हैं। एक बहन कोमल उर्फ आर्या भी राजनीति से जुड़ी हुई हैं। वे हापुड़ में जिला पंचायत सदस्य हैं। दूसरी बहन नीलू उर्फ वर्षा सरसावा में चेयरमैन हैं। तीसरी बहन सुधा हैं। वहीं उत्तर प्रदेश श्रम कल्याण परिषद के अध्यक्ष पंडित सुनील भराला ने दिनेश खटीक को मंत्री बनने पर बधाई दी।
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