बता दें कि मेरठ मंडल से एकमात्र मंत्री गाजियाबाद से अतुल गर्ग हैं। बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल के विस्तार पर वेस्ट यूपी के भाजपा नेताओं खासतौर से विधायकों की नजरें लगी हुईं थी। लगभग एक दर्जन विधायक मंत्री पद पाने की उम्मीद संजोए थे। शॉर्ट नोटिस पर हुए विस्तार के पिटारे में केवल दिनेश खटीक का नाम निकला। दिनेश राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे हैं। भाजपा के पुराने कार्यकर्ता हैं। उन्हें मंत्री बनाकर भाजपा ने पुराने कार्यकर्ता को सम्मान देने के साथ पश्चिमी यूपी के समाजिक समीकरणों को दुरुस्त करने की कोशिश की है।
यह भी पढ़ें: धर्मांतरण: शादमा के प्यार में सौरभ ने की जमातें, पढ़ी नमाज, चलाया ठेला, बदला दीन, फिर बदल गई पूरी कहानी
गौरतलब पश्चिमी उप्र के सभी जिलों में अनुसूचित जाति के मतदाताओं की खासी तादाद है। मुस्लिमों के बाद सबसे बड़ा वोट बैंक इन्हीं का है। अनुसूचित जाति में जाटव मतदाता पर अभी भी आमतौर पर बसपा का रंग चढ़ा हुआ है। भाजपा के दिनेश खटीक को गैर जाटव चेहरे के तौर पर आगे बढ़ाया है।
दिनेश खटीक के पिता देवेंद्र खटीक ने कहा कि उनका परिवार तीन पीढ़ियों से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़ा हुआ है। देवेंद खटीक के दादा सगवा सिंह और उनके पिता बनवारी लाल भी संघ से जुड़े रहे। पिता ने बताया कि दिनेश राजनीति में हमेशा लगे रहते हैं।
दिनेश के भाई नितिन खटीक जिला पंचायत सदस्य रहे हैं। तीन बहनें हैं। एक बहन कोमल उर्फ आर्या भी राजनीति से जुड़ी हुई हैं। वे हापुड़ में जिला पंचायत सदस्य हैं। दूसरी बहन नीलू उर्फ वर्षा सरसावा में चेयरमैन हैं। तीसरी बहन सुधा हैं। वहीं उत्तर प्रदेश श्रम कल्याण परिषद के अध्यक्ष पंडित सुनील भराला ने दिनेश खटीक को मंत्री बनने पर बधाई दी।