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खास रिपोर्ट: वेस्ट यूपी में बनेंगें नए बिजलीघर, होगी क्षमता वृद्धि, 1500 करोड़ से मिलेगा पॉवर कट से छुटकारा

Fri, 15 Sep 2023 06:39 PM IST
कपिल kapil ऋषिपाल सिंह, संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ

सार

Meerut News : मेरठ और बागपत क्षेत्र में बिजली संबंधी कार्यों के लिए विभाग की ओर से 1500 करोड़ रुपये के प्रस्ताव बनाए गए हैं। इनमें बिजलीघरों को स्काडा सिस्टम से लैस करने की तैयारी है।
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बिजली घर। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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आने वाले कुछ सालों में बार-बार बिजली के झटके लगना दूर की बात होगी। रीवेम्प डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तीसरे चरण के लिए भी पीवीवीएनएल की ओर से कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसमें मेरठ और बागपत क्षेत्र में बिजली संबंधी कार्यों के लिए विभाग की ओर से 1500 करोड़ रुपये के प्रस्ताव बनाए गए हैं। इनमें बिजलीघरों को स्काडा सिस्टम से लैस करने की तैयारी है। मेरठ में 27 और बागपत में 14 नए बिजलीघर बनाए जाएंगे। इन प्रस्तावों को बनाकर जल्द ही शासन को भेजा जाएगा जहां से अनुमोदन के बाद इनपर कार्य शुरू हो सकेगा।

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रीवेम्प के माध्यम से मेरठ जोन में पहले चरण में 344 करोड़ रुपये के कार्य होने हैं, जिनकी शुरूआत हो चुकी है। इनमें मेरठ में 269 करोड़ और बागपत में 44 करोड़ रुपये के कार्य हैं। यह कार्य वर्ष 2024 तक पूरे होने हैं। इसके बाद दूसरे चरण में सभी उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य किया जाएगा, जिसकी तैयारी हो चुकी है। इसमें 900 करोड़ से अधिक रुपये खर्च होंगे। यह कार्य अप्रैल 2024 से शुरू होने की उम्मीद है। अब विभाग ने रीवेम्प के तीसरे चरण में होने वाले कार्यों तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए 1500 करोड़ के प्रस्ताव बनाए जा रहे हैं जिसमें मेरठ में 1100 करोड़ और बागपत में 400 करोड़ रुपये के कार्य होंगे।

नए बिजलीघर बनेंगे, होगी क्षमता वृद्धि
तीसरे चरण में मेरठ जोन में 41 नए बिजलीघरों का निर्माण करने की योजना है। इसमें 27 बिजलीघर मेरठ और 14 बिजलीघर बागपत में बनाए जाने हैं। वर्तमान में जोन में 233 बिजलीघर हैं इनमें 253 मेरठ में और 80 बागपत में हैं। नए बिजलीघर बनने के बाद इनकी कुल संख्या 274 हो जाएगी। इसके अलावा जोन में 2050 नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे, जिसमें 1100 मेरठ में लगेंगे। 2200 ट्रांसफार्मरों की क्षमतावृद्धि की जाएगी, जिसमें 1500 मेरठ में चिह्नित किए गए हैं। इसके साथ ही मेरठ में 80 बिजलीघरों की क्षमता वृद्धि भी की जाएगी। लो वोल्टेज की समस्या को दूर करने के लिए बिजलीघरों पर कैपेसिटीर बैंक लगाए जाएंगे। मेरठ में 135 बिजलीघर और बागपत में 99 बिजलीघरों पर यह स्थापित किए जाएंगे।

ओवरलोड वाले क्षेत्र में बनेंगे नए बिजलीघर
शहर में उन क्षेत्रों के नए प्रस्ताव में शामिल किया गया हैं जहां आवेरलोड अधिक है। इनमें मेरठ में गंगानगर, माधवपुरम, रामलीला ग्राउंड, बेगमपुल, सदर, रेलवे रोड, जागृति विहार, मेडिकल देहात, कंकरखेड़ा, बजौट, चुढि़याला, ढिंढाला, गंगोल रोड, एंचीखुर्द, किनौनी, सिवालखास, फतेहपुर नारायण आदि शामिल हैं। इसके अलावा बागपत में बालेनी, बागपत शुगरमिल, टांडा, सराई रोड आदि समेत कई जगहों पर बिजलीघर व उनकी क्षमता वृद्धि के प्रस्ताव हैं।

लखनऊ तक पहुंचेगी फाल्ट की सूचना, रिमोट से कंट्रोल होगा बिजलीघर
स्काडा सिस्टम से लैस होने के बाद बिजलीघर क्षेत्र में होने वाले फाल्ट की जानकारी लखनऊ तक पहुंचेगी। पूरा सिस्टम ऑनलाइन होगा। रिमोट कंट्रोल से बिजलीघर संचालित हो सकेंगे। इसमें जहां भी फाल्ट होगा उसकी जानकारी ऑनलाइन अपडेट रहेगी। तुरंत फाल्ट ठीक कराया जा सकेगा।

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रीवेम्प के तीसरे चरण से संबंधित कार्यों के प्रस्ताव बनाए जा रहे हैं। मेरठ जोन में करीब 1500 करोड़ रुपये के कार्य हैं। जल्द ही इसकी डीपीआर शासन को भेजी जाएगी। वर्ष 2030 तक की कार्ययोजना तैयार की गई है। इससे बिजलीघरों का आधुनिकीकरण होगा। - अनुराग अग्रवाल, मुख्य अभियंता, मेरठ

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