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थाने का स्टिंग: इंस्पेक्टर मैडम की खुल गई पोल, एक हजार से कम नहीं लेती फीस, ये है पूरी सच्चाई

Fri, 30 Aug 2019 02:14 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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महिला से पैसे की बात करतीं सिपाही - फोटो : अमर उजाला
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थाने भ्रष्टाचार से मुक्त हों, फरियादियों से मधुर व्यवहार हो, जांच निष्पक्ष हो और त्वरित न्याय मिले। योगी सरकार के मिशन को मेरठ के महिला थाने में घूसखोरी से पलीता लगाया जा रहा है। लगातार मिल रही शिकायतों पर गुरुवार को अमर उजाला द्वारा किए गए स्टिंग से सच्चाई सामने आ गई। चौंकाने वाली बात यह है कि यहां आपसी समझौते पर मुहर लगाने की कीमत कम से कम एक हजार रुपये है। थाने की ही एक महिला सिपाही का दावा है कि यह फीस थाने की इंस्पेक्टर मैडम के पास जाती है। सेटिंग का खेल थाने की एक गली में होता है। गंभीर प्रकरण सामने आने पर एसएसपी ने महिला थाने पर जांच बैठा दी है। 

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2 मिनट 20 सेकेंड का वीडियो
रिपोर्टर:  मैडम, यह गरीब आदमी है, कुछ पैसा कम ले लो?
महिला सिपाही: भैया, मैं अधिकारी के अंडर में काम करती हूं। 
रिपोर्टर: वसीम, 500 रुपये रोजाना कमाता है, जिसमें दुकान का भी खर्चा है? 
महिला सिपाही: मैडम की फीस एक हजार रुपये तो कम से कम है। बाकी पार्टी के ऊपर। 
रिपोर्टर: कैसी फीस लेती हैं मैडम? हमारी बात करा दो मैडम से।  
महिला सिपाही: नहीं! नहीं! मैडम फेस टू फेस बात नहीं करतीं, पैसे की बात हम ही करते हैं। 
रिपोर्टर: सारे पैसे मैडम रखती हैं क्या? तुम्हें कितना पैसा मिलता है? 
महिला सिपाही: सारा पैसा मैडम रखती हैं। 100-200 कोई हमें देता तो वही हम रखते हैं। 
रिपोर्टर: एक हजार रुपये देकर कितनी देर में काम हो जाएगा?
महिला सिपाही: पांच मिनट में फाइल मैडम के पास पहुंचा दूंगी। बस दंपती को एक बार मैडम के पास सामने पेश होना होगा।

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ये है प्रकरण
ये मामला महिला थाने का है, जहां प्रभारी निरीक्षक के तौर पर इंस्पेक्टर संध्या वर्मा तैनात हैं। प्रकरण के अनुसार लिसाड़ी गेट निवासी वसीम का निकाह एक साल पहले शहनाज से हुआ था। पारिवारिक कारणों से दंपती में मनमुटाव हो गया। शहनाज ने ससुराल वालों पर आरोप लगाकर परिवार परामर्श केंद्र में शिकायत की। तीन-चार तारीख लगीं, लेकिन वसीम नहीं आया। महिला थाने में मुकदमा दर्ज किया गया, लेकिन उसके बाद दंपती के बीच सारे गिला शिकवे दूर हो गए और समझौता हो गया। 

रिश्वत बनी दीवार
दंपती तो एक हो गए, लेकिन समझौते के नाम पर महिला थाना पुलिस ने दंपती के आगे एक हजार रुपये रिश्वत की दीवार खड़ी कर दी। आरोप है कि थाने की महिला सिपाही रुबी द्वारा वसीम से कहा गया कि केस में समझौता तभी मान्य होगा, जब एक हजार रुपये की डिमांड पूरी की जाएगी। 

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गरीब हूं, जेब में 50 रुपये
हेयर ड्रेसिंग का काम करने वाले वसीम के लिए इस डिमांड को पूरा करना इतना आसान नहीं था। वसीम की जेब में सिर्फ 50 रुपये थे। गरीब दंपती जुगाड़ लगाता रहा कि मैडम की फीस से कैसे बचें। महिला सिपाही ही 100-200 रुपये लेकर पीछा छोड़ दे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सिपाही रुबी ने साफ कहा कि मैडम की कम से कम एक हजार रुपये फीस है, अन्यथा वह ज्यादा पैसा मांगती हैं। सिपाही की बात मोबाइल में कैद कर ली।
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थाने में लगी अवैध वसूली की बोली 
गरीब दंपती पर एक हजार रुपये नहीं थे। महिला सिपाही समझौते पर मुहर लगाने के लिए राजी नहीं हुई। इस पर वहां मौजूद मीडिया कर्मी ने पहले दंपती व फिर कांस्टेबल से बात शुरू की। मीडियाकर्मी ने बताया कि वसीम उनकी दुकान में हेयर ड्रेसिंग का काम करता है। वह बहुत गरीब है। इंस्पेक्टर मैडम से कहा कि फीस कुछ कम कर दो या मैडम से हमारी बात करा दो। कांस्टेबल बोली, मैडम पैसों की बात सीधे नहीं करतीं। 

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भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा
मामले की जानकारी मिली है। थानों में भ्रष्टाचार कतई बर्दाश्त नहीं होगा। महिला इंस्पेक्टर और थाने के स्टाफ की जांच होगी। पूरे प्रकरण में जांच बैठा दी गई है। - अजय साहनी, एसएसपी

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