ईडी और आयकर विभाग कर रहा जांच
इस पूरे मामले में आयकर विभाग के साथ ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जांच की जा रही है। जिसमें अब तक जो मामला सामने आया है, वह बहुत ही चौंकाने वाला है। सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार नोटबंदी के बाद बिल्डर संजीव गुप्ता से शहर के 31 लोगों ने लेनदेन किया था। जिसमें लाखों से करोड़ों का लेनदेन है। एक ग्रुप ने तो 8 करोड़ से ज्यादा का लेनदेन किया है। इस पूरे हिसाब किताब में 70 करोड़ रुपये से ज्यादा की धनराशि का लेनदेन बैंक और कैश आदि के साथ ही ऋण आदि के माध्यम से सामने आया है।
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एक स्कूल संचालक रहा है मध्यस्थ
इस प्रकरण में एक चौंकाने वाला नाम भी सामने आ रहा है। मवाना रोड पर स्कूल चलाने वाले इस संचालक को इस लेनदेन का मध्यस्थ बताया जा रहा है। हालांकि पूरा मामला जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
गिरफ्तारी के बाद प्रोसीडिंग पर भी स्टे
इस प्रकरण में पुलिस ने भी अपने स्तर से मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। जिसमें संजीव मित्तल ने गिरफ्तारी पर स्टे के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन वहां पर याचिका मंजूर नहीं हुई तो सुप्रीम कोर्ट से संजीव मित्तल को स्टे मिल गया था। लेकिन पुलिस ने जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल कर दी। जिसके बाद संजीव मित्तल की गिरफ्तारी होनी थी। लेकिन वह पूरी जांच प्रक्रिया पर ही हाईकोर्ट से स्टे ले आए।
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