ललितपुर। खाद लेने के लिए लाइन में खड़े किसान की हुई मौत के मामले ने अब सियासी रंग लेना शुरू कर दिया है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर एमएलसी व पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजपाल कश्यप ने शनिवार को मृतक किसान के परिजनों से नयागांव पहुंचकर मुलाकात की। उन्होंने किसान परिवार को हर संभव मदद देने का आश्वासन देते हुए शासन से मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपये का मुआवजा, आवास व एक सदस्य को नौकरी दिए जाने की मांग करते हुए मुद्दे को सदन में उठाने की बात कही।
पीडब्ल्यूडी सर्किट हाऊस में पत्रकारों से वार्ता करते हुए एमएलसी डॉ. राजपाल कश्यप ने कहा कि भाजपा सरकार किसान विरोधी कार्य कर रही है। पंद्रह दिनों से जिले में खाद की समस्या है और किसान खाद लेने के लिए लाइन में खड़ा हुआ है। खाद की कालाबाजारी चरम पर है। कहा कि जिन किसानों की बदौलत प्रदेश में भाजपा की सरकार आई है, उसी किसान को प्रताड़ित किया जा रहा है। बुंदेलखंड का किसान आत्महत्या करने को विवश है। फसल बर्बाद होने से किसानों की हालत पहले ही बहुत खराब है, लेकिन अब खाद की किल्लत ने किसान को और भी प्रताड़ित कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जिस प्रकार एयरपोर्ट के अलावा अन्य संस्थानों को पहले घाटे में दिखाकर उद्योगपतियों को बेच रही है, वैसे ही खेती को भी कमजोर करते हुए उद्योगपतियों को बेचने की फिराक में है। कहा कि देश में पेट्रोल-डीजल के अलावा गरीब के घर का निवाला छीनने का प्रयास सिलिंडर महंगा करके किया जा रहा है। कहा कि कोरोनाकाल में किसान ही था, जिसने देश की अर्थव्यवस्था को संभाले रखा, लेकिन अब किसान भी प्रताड़ित है।
लखीमपुर खीरी कांड का मुद्दा उठाते हुए किसानों के साथ हो रहे अन्याय की निंदा की। कहा कि ललितपुर में खाद खरीदने के लिए खड़े किसान की मौत पर भी स्थानीय प्रशासन द्वारा बताया गया कि दस लाख रुपये का चेक दिया गया है, लेकिन जब उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की तो बताया गया कि चेक नहीं मिला। इतना ही नहीं स्थानीय प्रशासन ने परिजनों को मृतक किसान के अंतिम दर्शन तक नहीं करने दिए और जल्दबाजी में उसका भी पोस्टमार्टम कराते हुए दाह संस्कार करा दिया। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार से मिलने के बाद अब पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। इस दौरान सपा जिलाध्यक्ष झांसी महेश कश्यप, पूर्व विधायक रमेश कुशवाहा, फूलसिंह नन्ना, यादवेंद्र दादा, पूर्व जिलाध्यक्ष ज्योति सिंह लोधी, अनिल अरजरिया, जगदीश कंचन, खुशालचंद साहू, शेरसिंह टोढ़ी, रामदास श्रोतीय, मानसिंह खैरा, नेपाल सिंह, रामविलास रजक, गीता मिश्रा,रामजीवन यादव, गिरधारी यादव, नरेंद्र राजपूत, परवेज पठान, शत्रुघन यादव, अनिल अहिरवार, मुज्जमिल पठान, धर्मेंद्र परौंदा, प्रभुराज लोधी, नीतेश राज, विक्रम यादव, गोविंद बानौली के अलावा अनेकों सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।