फसलों के नुकसान का आकलन करेंगी 48 टीमें
ललितपुर। बीते एक सप्ताह से लगातार बारिश होने से खरीफ की फसलें बर्बाद हो गई हैं। नष्ट फसलों के नुकसान के आकलन को जिला प्रशासन के निर्देश पर टीमों का गठन किया गया है, जिसमें तीन सदस्यीय टीमें प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर बनाई गई हैं, जो क्षेत्र में खराब फसलों की सर्वे करेंगी।
जनपद में 3.09 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसल की बुवाई का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन बुवाई सीजन शुरू होने के बाद जून के दूसरे सप्ताह से जुलाई के दूसरे सप्ताह तक बारिश नहीं हुई। कई क्षेत्रों में हल्की बारिश होने पर ही किसानों ने बुवाई कर दी। इससे कुछ किसानों के बीज अंकुरित हो गए और कुछ के अंकुरित हुए, लेकिन बारिश न होने से सूख कर नष्ट हो गए थे। इससे लगभग दो लाख से अधिक हेक्टेयर में ही बुवाई हो पाई थी, जिसमें उड़द की अधिक फसल बोई गई है।
लेकिन बीते एक अगस्त से लगातार बारिश हो रही है। इससे तालाब, पोखर और गहराई या भराव क्षेत्र में जलभराव हो गया है। इससे यहां पर बोई गई फसल के नुकसान होने की जानकारी मिल रही है। इसके अलावा नाले व नदी के उफान पर होने से भी फसलों को अधिक नुकसान बताया जा रहा है। इसके अलावा कई क्षेत्रों में फसल कमजोर थी, जो बारिश से खराब हो गई है।
फसलों के नुकसान की जानकारी आने के बाद जिलाधिकारी ने फसलों के सर्वे कराए जाने के लिए टीमों का गठन करने के निर्देश दिए हैं। जिस पर कृषि विभाग द्वारा फसलों के नुकसान की जांच के लिए राजस्व विभाग, कृषि विभाग और फसल बीमा कंपनी की टीमों का गठन किया गया है। जिसमें लेखपाल, कृषि विभाग के कर्मचारी और बीमा कंपनी के प्रतिनिधि संयुक्त रूप से क्षेत्रों में जाकर फसलों की सर्वे करेंगे। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद फसलों के नुकसान की स्थिति स्पष्ट होगी।
न्याय पंचायत स्तर पर गठित हुईं टीम
कृषि विभाग ने फसलों के नुकसान की सर्वे के लिए प्रत्येक न्याय पंचायत स्तर पर टीम गठित की हैं। इनमें सदर तहसील में 14 टीम, तहसील तालबेहट में 14, महरौनी में नौ, मड़ावरा में चार, पाली में सात इस तरह कुल 48 टीमों का गठन किया गया है। यह टीमें नुकसान का सर्वे कर विभाग को रिपोर्ट देंगी।
बीते दिनों लगातार हुई बारिश से खरीफ फसलों के प्रभावित होने की सूचना मिली है, जिला प्रशासन के निर्देश पर टीमों का गठन किया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
- संतोष कुमार सविता, उप कृषि निदेशक