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बिजली कटौती ने बढ़ाया लोगों का सौर ऊर्जा के प्रति रुझान

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala
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बीते दो महीने में सोलर पैनल की बिक्री में आया 25 फीसदी का उछाल
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घरेलू बाजार में पांच किलोवॉट तक के पसंद किए जा रहे हैं सौर पैनल
लखीमपुर खीरी। भीषण बिजली कटौती झेल रहे जिलेवासी अब परेशान होकर सोलर प्लांट की ओर रुख कर रहे हैं। इसकी पुष्टि बीते दो महीनों में हुई बिक्री के आंकड़े कर रहे हैं। विक्रेताओं के मुताबिक, सोलर प्लेट्स की बिक्री 25 फीसदी तक बढ़ी है, जबकि इन्वर्टर बाजार स्थिर है।
सोलर ऊर्जा कारोबारी रियाज बताते हैं कि इस वक्त सबसे ज्यादा पांच किलोवॉट की डिमांड घरों से आ रही है। लोग डोमेस्टिक सोलर पैनल लगवा रहे हैं, जिसकी कीमत करीब चार लाख के आसपास आती है। इससे घर की लगभग काफी जरुरतें पूरी हो जाती हैं। इसके बाद 10 किलोवॉट तक के पैनल हैं, जिनसे एसी, पंखा सब कुछ चल जाता है। संवाद
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महंगी बिजली और डीजल ने बढ़ाई मांग, इंडस्ट्री लगा रहीं सोलर प्लांट
लखीमपुर खीरी। एक तो महंगी बिजली और ऊपर से बिजली कटौती ने लोगों के माथे पर बल ला दिए हैं, जबकि महंगे डीजल की वजह से लगातार जनरेटर चलाना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में ज्यादा खपत वाली छोटी और मझोली उद्यम इकाइयां सोलर पावर प्लांट लगवा रही हैं।
रियाज के मुताबिक, 40 से 50 छोटी और मझोली इंडस्ट्री ऐसी हैं, जो अपना सारा काम सोलर पावर प्लांट लगवाकर कर रही हैं। उनका कहना है कि पारंपरिक स्त्रोत लगातार महंगे होने के कारण आगे आने वाला वक्त इसी सौर ऊर्जा का है। उनका कहना है कि डिमांड बढ़ने का एक बड़ा कारण लगभग 15 साल तक जीरो रनिंग कॉस्ट भी है। हालांकि सोलर पैनल पर कई कंपनियां 25 साल निर्बाध चलने का दावा करती हैं। सरकार सोलर बैटरी पर जीएसटी सब्सिडी के रूप में छोड़ देती है। संवाद
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किसानों के लिए सरकार सोलर पंप पर देती है सब्सिडी
लखीमपुर खीरी। बिजली कटौती के कारण फसलों की सिंचाई भी नहीं हो पा रही है। ऐसे में किसानों की खरीफ की फसल पर संकट हैं। किसानों का खेतों में लगा गन्ना सूख रहा है तो धान की बुवाई तक नहीं हो पा रही है। ऐसे में सिंचाई के लिए सोलर पंप ही किसानों का सहारा बन रहे हैं। पीएम किसान ऊर्जा सुरक्षा अभियान के तहत किसानों को सोलर पंप की खरीद पर राज्य व केंद्र की सरकार मिलकर 60 प्रतिशत का अनुदान देती हैं। संवाद
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