चुनावी अधिसूचना और निषेधाज्ञा उल्लंघन का मामला
सामान्य लोकसभा चुनाव 2014 में सेक्टर मजिस्ट्रेट की ओर से मितौली थाने में लिखाई गई थी रिपोर्ट
लखीमपुर खीरी। चुनावी अधिसूचना और निषेधाज्ञा उल्लंघन के मामले में आरोपित पूर्व मंत्री जितिन प्रसाद बुधवार को एडीजे रामेंद्र कुमार की अदालत में पेश हुए। पूर्व मंत्री की ओर से बयान दर्ज कराते हुए, अभियोजन पक्ष के सबूतों को सिरे से खारिज कर दिया।
अभियोजन पक्ष रखते हुए अधिवक्ता कौशल किशोर ने बताया सामान्य लोकसभा चुनाव 2014 में धौरहरा संसदीय सीट से प्रत्याशी रहे जितिन प्रसाद ने चुनावी निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए ना सिर्फ मोटरसाइकिल रैली निकाली थी, बल्कि झंडे बैनर लगे पोस्टर सहित सैकड़ों मोटरसाइकिलें भी इकट्ठा की थीं। इस मामले में सेक्टर मजिस्ट्रेट की ओर से मितौली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसकी जांच के बाद पुलिस ने जितिन प्रसाद और उनके साथी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
जितिन प्रसाद ने खिलाफ अभियोजन पक्ष की ओर से पेश हुए सबूतों को पर्याप्त बताते हुए अभियोजन पक्ष की ओर से और गवाही सबूत न दाखिल करने की टिप्पणी की थी। इसके बाद अदालत ने पेश हुए सबूत और गवाहों पर आरोपित जितिन प्रसाद का पक्ष जानना चाहा, जिस पर सफाई देते हुए जितिन प्रसाद ने आरोपों से इनकार किया। कहा कि अभियोजन पक्ष ने उनके खिलाफ राजनीतिक कारणों से शिकायत दर्ज कराई है। उनके द्वारा कोई गैरकानूनी कार्य नहीं किया गया।
एडीजे रामेंद्र कुमार ने उन्हें मितौली कस्बे में चुनावी रैली के दौरान मोटरसाइकिल पर कांग्रेस के झंडे बैनर के साथ निषेधाज्ञा के बाद भी चुनाव प्रचार करने के मामले से अवगत कराया साथ ही जितिन प्रसाद से उनका पक्ष जानना चाहा। जिस पर बुधवार को व्यक्तिगत रूप से हाजिर हुए जितिन प्रसाद ने अदालत को बताया कि उनके द्वारा कोई अपराध नहीं किया है। उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाए गए हैं, जितिन प्रसाद की इनकारी के बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 21 अगस्त की तारीख मुकर्रर की है।