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लोगों ने किया प्रदर्शन

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राष्ट्रीयकृत बैंक शाखा नहीं खुली तो होगा आंदोलन
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तुर्कपट्टी (कुशीनगर)। राष्ट्रीयकृत बैंक खुलवाने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को तुर्कपट्टी बाजार के व्यापारियों और ग्रामीणों ने सांकेतिक प्रदर्शन किया। इन लोगों ने तुर्कपट्टी बाजार में राष्ट्रीयकृत बैंक शाखा खोले जाने की मांग उठाई।
व्यापारियों ने कहा कि तुर्कपट्टी बाजार पांच किलोमीटर क्षेत्र में सबसे बड़ा बाजार है। लगभग 15 वर्षों से यहां राष्ट्रीयकृत बैंक खुलवाने की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक किसी जनप्रतिनिधि या प्रशासन के जिम्मेदारों ने इस समस्या को लेकर कोई पहल नहीं की है। तुर्कपट्टी बाजार में थोक और फुटकर मिलाकर लगभग 500 से अधिक दुकान, दो पेट्रोल पंप, एक डिग्री कॉलेज, पांच इंटर कॉलेज और 20 से अधिक प्राइवेट स्कूल स्थित है। यहां महुअवां, सोनदिया, देवपोखर, तिरमासाहून, कोरया, सरिसवां, दोघरा, खिरियां, मछरियां, घोरठ, बरवा कला, बलडीहा, छहूं व झनकौल, बरवा सुखदेव, तेंदुआ व बसडीला पांडेय सहित क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों के लोग थोक व फुटकर सामान खरीदने आते हैं, लेकिन यहां पूरी बैंकिंग व्यवस्था यूपी बड़ौदा बैंक पर निर्भर है।
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व्यापारियों का आरोप है कि जिस दिन एक लाख रुपये तक की जरूरत हो तो बैंक नहीं दे पाता है। सिर्फ इतना ही नहीं यहां के खाताधारकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसके चलते स्थानीय व्यापारी सहित क्षेत्र के ग्रामीण यहां लगभग 10 किमी दूर बैंकिंग का कार्य करते हैं। जब वह पैसों का लेनदेन करने बैंक जाते हैं तो छिनैती का भी डर बना रहता है। मंत्री, सांसद, विधायक व जिलाधिकारी तक सभी को पत्रक भी सौंपा जा चुका है। लेकिन अब तक यहां पर किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक शाखा नहीं खोली जा सकी।
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तुर्कपट्टी व्यापार मंडल के महामंत्री सत्यवान उर्फ राजू तिवारी, युवा अध्यक्ष संतोष मद्धेशिया, हेमन्त कुमार मिश्र, अरविंद रौनियार, सर्वेश त्रिपाठी, अजय जायसवाल, उपेंद्र मद्धेशिया, देशबंधु यादव, अंगद मद्धेशिया, विजय चौरसिया, गोपीचंद व अजय प्रसाद आदि व्यापारियों ने तुर्कपट्टी चौराहे पर राष्ट्रीयकृत बैंक की मांग को लेकर सांकेतिक प्रदर्शन कर राष्टीयकृत बैंक की
शाखा खेलने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द बैंक की स्थापना नहीं की गई तो सभी लोग बड़े स्तर पर प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे।
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