कानपुर में दुष्कर्म के प्रयास की शिकार तीन साल की मासूम के गुर्दे ने काम करना बंद कर दिया है। आईसीयू के वेंटिलेटर पर बेहोश अवस्था में इलाज करा रही मासूम हर सांस के लिए संघर्ष कर रही है। ऑपरेशन के 24 घंटे बाद शुक्रवार को भी उसको होश नहीं आया है। डॉक्टर उसकी हालत गंभीर बता रहे हैं।
सनिगवां में 22 मई की शाम को अपने घर के बाहर खेल रही बच्ची को पड़ोस की कॉलोनी का नाबालिग लड़का साइकिल से घुमाने के बहाने साथ ले गया था। सूनसान स्थान पर उसके साथ दुुष्कर्म का प्रयास किया। रास्ते से गुजर रही एक महिला के टोकने पर आरोपी मासूम को फेंककर साइकिल लेकर भाग निकला था।
इससे बच्ची के सिर व पेट में चोट आ गई थी और वह बेहोश हो गई थी। वह हैलट के आईसीयू में भर्ती है। शुक्रवार को पांचवें दिन भी उसे होश नहीं आया है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. यशवंत राव, सर्जरी विभाग की डॉ. श्रद्धा वर्मा, न्यूरो सर्जरी विभाग और स्त्री रोग विभाग की डॉक्टरों की टीम संयुक्त रूप से उसका इलाज कर रही है।
गुरुवार को मासूम की फटी आंतों को जोड़ने के लिए डॉ. श्रद्धा वर्मा ने ऑपरेशन किया था। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन ठीक हुआ है, फिर भी उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। मस्तिष्क में चोट की आशंका के चलते उसका सीटी स्कैन कराया गया पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई।