दस दिन पहले ही जमानत पर बाहर आया था
परेड के अस्पताल रोड स्थित नवाब इब्राहिम खां का हाता निवासी जिस मो. सैफ को शुक्रवार रात गोली मारी गई। वह 12 साल पहले परेड स्थित चंद्रेश्वर हाते में हुई हत्या के मामले में आठ महीने से जेल में था। दस दिन पहले ही जमानत पर बाहर आया था। वह परेड में कपड़ों की फेरी लगा रहा था। पिता मो. शफीक डेयरी में काम करते हैं।
परिचित के जरिये फोन कर मूलगंज बुलवाया आरोपी ने
पुलिस के अनुसार सैफ को एक व्यक्ति के जरिये सलमान कांड़ा ने फोन कर मूलगंज स्थित चौबे गोला बुलाया। यहीं पर दोनों के बीच विवाद हुआ और फिर सलमान ने गोली मार दी। लोग पकड़ने दौड़े] तो वह हवा में फायर करता हुआ फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना देकर खून से लथपथ सैफ को अस्पताल पहुंचाया।
छावनी बना हैलट, भारी फोर्स तैनात
मन्नू रहमान के भांजे को गोली मारने की सूचना पर हैलट में बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए एडीसीपी पूर्वी मृगांक शेखर, एसीपी कोतवाली व एसीपी स्वरूपनगर के साथ भारी फोर्स लेकर हैलट पहुंच गए। वहीं, परेड में भी भारी फोर्स तैनात की गई है।
पत्नी बेसुध, नहीं थम रहे बच्चों के आंसू
सैफ की गोली मारकर हत्या की खबर घर पहुंचने के साथ ही उसकी पत्नी फातिमा बेसुध होकर गिर पड़ी। वहीं, दो बेटों अरमान व रियाज और बेटी के आंसू नहीं थम रहे थे। बच्चों के आंसू देखकर कुछ लोग बदला लेने की बात कहने लगे। हालांकि बुजुर्गों के समझाने पर लोग शांत हो गए।