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Kanpur: मुतवल्ली बोला- मुझे पीटा...मेरे खिलाफ ही दर्ज कर दी रिपोर्ट, अब 22 लोगों पर Report, पढ़ें पूरा मामला

Thu, 03 Aug 2023 09:27 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur Crime: मुतवल्ली ने बताया कि वर्ष 2015 में अल खाबर ने फर्जी दस्तावेज के सहारे शिया वक्फ बोर्ड का मुतवल्ली बन गया था। इसके बाद वह साथियों की मदद से वक्फ हादी बेगम एवं हाजरा बेगम की तिजोरी से करोड़ों के जेवरात पार कर दिए थे।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कानपुर के कर्नलगंज में वक्फ हादी बेगम एवं हाजरा बेगम वक्फ की संपत्ति को लेकर दो पक्ष आमने सामने आ गए हैं। कर्नलगंज में 10वीं मोहर्रम में शामे गरीबा की मजलिस के दौरान हुए मारपीट के मामले में मुतवल्ली ने भी कर्नलगंज निवासी अल खाबर और उसके 22 साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।

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आरोप है कि अल खाबर ने वक्फ की संपत्ति कब्जाने की नियत से पुलिस की मौजूदगी में उन पर हमला किया था। बीच बचाव में परिचित को भी पीटा था। चौकी में छिपकर जान बचाई थी। कर्नलगंज के इनायत मंजिल निवासी मुतवल्ली ऐनुल हसन नकवी ने पुलिस को जानकारी दी।
उसने बताया कि 29 जुलाई को मजलिस के दौरान छोटे मियां का हाता निवासी अल खाबर ने साथियों कुल्बे अब्बास उर्फ शहाब, अली अहमर, अली मुदसिर उर्फ गोल्डी, अली कौसर, सादिक हुसैन, अली बाबर, अली दावर, अली महजर, मिर्जा मोहम्मद अफसर उर्फ बाबू व अपने 15 अन्य साथियों के साथ हमला किया था।

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अल खाबर और उसके साथियों के खिलाफ एफआईआर
पुलिस ने मामले में मुतवल्ली की तहरीर पर अल खाबर और उसके साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। वहीं पुलिस ने अल खाबर की तहरीर पर मुतवल्ली ऐनुल हसन नकवी, हिदायत नकवी, साहब नकवी, महबूब अख्तर, विलात हुसैन, आसिऊ व 15 अज्ञात लोगों पर गालीगलौज मारपीट समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी।

वक्फ संपत्ति को लेकर चल रहा विवाद
मुतवल्ली ने बताया कि वर्ष 2015 में अल खाबर ने फर्जी दस्तावेज के सहारे शिया वक्फ बोर्ड का मुतवल्ली बन गया था। इसके बाद वह साथियों की मदद से वक्फ हादी बेगम एवं हाजरा बेगम की तिजोरी से करोड़ों के जेवरात पार कर दिए थे। इसकी शिकायत उन्होंने वर्ष 2022 में शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के प्रशासनिक अधिकारी सैय्यद हसन रजा रिजवी, उत्तर प्रदेश शासन के उप सचिव शकील अहमद सिद्दीकी से की।

पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की
इसके पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड को एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई के आदेश दिए थे। नौ जून को पुलिस कमिश्नर ने एसीपी कर्नलगंज अकमल खां को जांच सौंपी। आरोप है कि जांच में दोषी पाए जाने के बाद भी पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। इसके चलते अल खाबर रंजिश रखने लगा था और हमला किया था।
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दोनों पक्षों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।  -मो. अकमल खां, एसीपी कर्नलगंज
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