इनको बनाते थे निशाना
10-15 वर्ष की बच्ची व किशोरियों को गिरोह निशाना बनाता था। गिरोह के सदस्य रेलवे स्टेशन व बस अड्डों पर घूमते थे। जब भी कभी कोई किशोरी अकेली खड़ी दिखती थी तो उनसे महिला बातचीत करने का प्रयास करती थी। जो इनकी बातों में आ जाती थी, उनको अपने साथ ले जाती थी।