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लापरवाही: चलते-चलते वेंटिलेटर बंद, बच्चे की मौत, डॉक्टर के पत्र से हुआ बड़ा खुलासा

Sun, 18 Jul 2021 05:47 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

पीएम केयर फंड से एग्वा वेंटिलेटर पीडियाट्रिक आईसीयू में लगाया गया है। यह वेंटिलेटर चलते-चलते अचानक बंद हो जाता है। इसके बाद भी इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। एग्वा के यहां दो वेंटिलेटर लगे हुए हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कोरोना की संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर बच्चों के इंटेंसिव केयर पर सबसे अधिक जोर दिया जा रहा है, लेकिन बालरोग की घटना ने इन तैयारियों की पोल खोल दी है। हैलट के बालरोग अस्पताल में वेंटिलेटर के अचानक बंद हो जाने से बालरोगी की मौत हो गई।
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बच्चे को गंभीर हालत में वेंटिलेटर पर रखा गया था। अस्पताल में इस्तेमाल किए जा रहे एग्वा वेंटिलेटर की स्थिति पर बालरोग विभागाध्यक्ष ने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को पत्र लिखा। इस पत्र से ही घटना का पता चला है।

बच्चे की मौत दो सप्ताह पहले हुई थी। पीएम केयर फंड से एग्वा वेंटिलेटर पीडियाट्रिक आईसीयू में लगाया गया है। यह वेंटिलेटर चलते-चलते अचानक बंद हो जाता है। इसके बाद भी इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। एग्वा के यहां दो वेंटिलेटर लगे हुए हैं।
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विभागाध्यक्ष के प्राचार्य को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि इन वेंटिलेटर का इस्तेमाल किया जाना रोगी हित में नहीं है। प्राचार्य ने पत्र में यह भी स्पष्ट किया है कि इस संबंध में पहले भी अवगत कराया जा चुका है। वेंटिलेटर के अचानक बंद हो जाने से शिशु की मौत भी हो गई थी।
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इस पत्र में विभागाध्यक्ष ने पीआईसीयू इंचार्ज डॉ. नेहा अग्रवाल के प्रार्थना पत्र का भी हवाला दिया है। इसके साथ ही दूसरे वेंटिलेटर लगाए जाने की मांग भी की है। यह पत्र छह जुलाई को लिखा गया है। इस संबंध में बालरोग विभागाध्यक्ष डॉ. यशवंत राव ने बताया कि घटना करीब दो सप्ताह पहले की है।

वेंटिलेटर बंद होने पर बच्चे को दूसरे वेंटिलेटर पर शिफ्ट कर दिया गया था। बच्चे की स्थिति गंभीर थी तभी उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था। खराब वेंटिलेटर को रिपेयर के लिए भेज दिया गया था।

आईसीयू इंचार्ज ने भी लिखा था पत्र
पीएम केयर फंड से आए ज्यादातर एग्वा वेंटिलेटर चल नहीं रहे हैं। इस संबंध में न्यूरो साइंसेस कोविड हॉस्पिटल के आईसीयू प्रभारी ने 21 मई को जीएसवीएम मेडिकल कालेज के प्राचार्य को पत्र लिखकर शिकायत की थी। इसमें कहा गया कि एग्वा के 26 वेंटिलेटर उपलब्ध कराए गए थे।

इनमें से किसी को एक बार भी स्थापित नहीं किया जा सका। इसके अलावा थ्री लेवल कोविड अस्पताल में गंभीर रोगी आते हैं जिन्हें फेफड़ों का संक्र मण  होता है। एग्वा के वेंटिलेटर गंभीर रोगियों के इलाज की आवश्यकता के अनुरूप नहीं हैं। आईसीयू प्रभारी ने इन वेंटिलेटर को लेवल वन और टू में भेजने के लिए अनुरोध किया था। ये वेंटिलेटर हैलट को अप्रैल वर्ष 2020 में मिले थे।
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