कोरोना की संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर बच्चों के इंटेंसिव केयर पर सबसे अधिक जोर दिया जा रहा है, लेकिन बालरोग की घटना ने इन तैयारियों की पोल खोल दी है। हैलट के बालरोग अस्पताल में वेंटिलेटर के अचानक बंद हो जाने से बालरोगी की मौत हो गई।
बच्चे को गंभीर हालत में वेंटिलेटर पर रखा गया था। अस्पताल में इस्तेमाल किए जा रहे एग्वा वेंटिलेटर की स्थिति पर बालरोग विभागाध्यक्ष ने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को पत्र लिखा। इस पत्र से ही घटना का पता चला है।
बच्चे की मौत दो सप्ताह पहले हुई थी। पीएम केयर फंड से एग्वा वेंटिलेटर पीडियाट्रिक आईसीयू में लगाया गया है। यह वेंटिलेटर चलते-चलते अचानक बंद हो जाता है। इसके बाद भी इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। एग्वा के यहां दो वेंटिलेटर लगे हुए हैं।
विभागाध्यक्ष के प्राचार्य को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि इन वेंटिलेटर का इस्तेमाल किया जाना रोगी हित में नहीं है। प्राचार्य ने पत्र में यह भी स्पष्ट किया है कि इस संबंध में पहले भी अवगत कराया जा चुका है। वेंटिलेटर के अचानक बंद हो जाने से शिशु की मौत भी हो गई थी।