झांसी। हेल्थ केयर, फ्रंटलाइन वर्कर्स और इलेक्शन ड्यूटी कर्मचारियों, दूसरी डोज लगे नौ महीने पूरे कर चुके बुजुर्गों का टीकाकरण सोमवार से शुरू हो गया। मगर जिला अस्पताल में स्टाफ को जानकारी न होने से बुजुर्गों को भटकना पड़ा। स्टाफ ने किसी से कहा कि मोबाइल पर टीका लगवाने का मेसेज आया है तो लगेगा तो किसी से कहा ऑनलाइन पंजीकरण करवाओ। महिला अस्पताल में सुबह ऑनस्पॉट पंजीकरण का स्लॉट नहीं खुलवाया गया।
एहतियाती डोज लगवाने के लिए सोमवार को सुबह 10 बजे से ही बुजुर्गों की भीड़ अस्पतालों में उमड़ने लगी थी। ज्यादातर केंद्रों पर टीकाकरण सुचारु चलता रहा लेकिन जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में बुजुर्गों को टीकाकरण में दिक्कत हुई। मऊरानीपुर और रानी महल से आईं दो सगी बहनें ऊषा सिंह और किरन सिंह ने बताया कि उनको कोरोना की दूसरे डोज लगने हुए नौ महीने एक जनवरी 2022 को पूरे हो चुके हैं। मगर जब वो अस्पताल में एहतियाती डोज लगवाने के लिए आईं तो कहा गया कि जिन लोगों के मोबाइल पर मेसेज आया हैं, उन्हें ही लगाई जा रही है। वहीं, बाबूलाल कारखाना निवासी अशोक कुमार ने बताया कि उनके पास दस जनवरी को वैक्सीन लगवाने का मेसेज आया था। मगर जब यहां पर आया तो स्टाफ ने कहा कि स्लॉट बुकिंग कराइये। इसी प्रकार, कई अन्य बुजुर्गों को भी वैक्सीन नहीं लग पाई। वहीं, महिला अस्पताल में कई बुजुर्ग लाइन में खड़े होकर शोरशराबा करते रहे। उन्होंने कहा कि ऑनस्पॉट पंजीकरण करके वैक्सीन लगाओ तो स्टाफ ने कहा कि तीसरे डोज का रजिस्ट्रेशन करने का कंप्यूटर में विकल्प ही नहीं आ रहा है। ऐसे में पहले दिन तमाम अव्यवस्थाओं के बीच बुजुर्ग टीका लगवाने को भटकते रहे। कई मायूस होकर घर लौट गए।
दंपति भी मायूस होकर लौटे
चंद्र विहार कॉलोनी में रहने वाले डॉ. आनंद कुमार सिंघई अपनी पत्नी आभा सिंघई के साथ वैक्सीन लगवाने के लिए जिला अस्पताल आए हुए थे। दोनों के पास ही वैक्सीन की तीसरी डोज लगवाने का मेसेज आया था। मगर स्टाफ ने नहीं लगाई।
जिनको लगी वो बोले-टीका ही बचाव
एहतियाती डोज जिन लोगों ने लगवा लीं, उनको खुशी महसूस हुई। सेवानिवृत्त जेडी हेल्थ डॉ. ओपी गोयल ने बताया कि टीका ही एकमात्र बचाव है। ऐसे में उन्होंने पहले ही दिन आकर तीसरी वैक्सीन लगवाई। इनके अलावा भी टीका लगवाने वाले रमेश कुमार ने कहा कि फिर से कोविड के मामले बढ़ने लगे हैं। ऐसे में वैक्सीन लगवाकर खुद को सुरक्षित किया जा सकता है।
सब जगह पर सुचारु रूप से सोमवार को टीकाकरण हुआ। जिला अस्पताल, महिला अस्पताल में कुछ दिक्कत आई है। बिना मोबाइल पर मेसेज आए, बिना पंजीकरण वाले बुजुर्गों को टीका लगाना है। बस दूसरी डोज लगे नौ महीने हो गए हों। महिला अस्पताल के स्टाफ को सुबह ही ऑनस्पॉट पंजीकरण के लिए स्लॉट खुलवाना चाहिए था। - डॉ. रविशंकर जिला टीकाकरण अधिकारी।