हरदोई। तीन चरणों के बाद शनिवार शाम जारी हुए पीसीएस जे के परिणाम इस बार 610 लोगों ने सफलता पाई। इनमें जिले के होनहार भी शामिल हैं। शहर के साथ ही मल्लावां, कछौना, माधौगंज व पिहानी आदि बच्चों ने सफलता पाई है।
मूल रूप से हरदोई के अशराफ टोला निवासी नावेद अख्तर का चयन न्यायिक सेवा में हुआ है। उत्तरांचल विश्वविद्यालय देहरादून में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत नावेद अख्तर ने प्रदेश में 120वी रैंक हासिल की है। पिता रफीक अहमद खान कृषि विभाग में कार्यरत थे, जिनका कुछ साल पहले निधन हो चुका है। मां मुबीन बानो शहर के प्राथमिक विद्यालय में अध्यापक हैं। नावेद ने सफलता का श्रेय मां को दिया है। उनके चयन पर परिवार के ही हसीन अख्तर, आसिफ खान, जहीएद्दीन, उस्मान खां, रिजवान खां व अब्दुल समद खां आदि ने खुशी जताई। जिले के कटियारी क्षेत्र के खसौरा गांव के मूल निवासी व वर्तमान में बहराइच में तैनात अपर जिला जज सुनील कुमार मिश्रा की बेटी साक्षी मिश्रा ने पहले ही प्रयास में पीसीएस जे की परीक्षा में सफलता हासिल कर प्रदेश में 191 रैंक हासिल की है।
साक्षी ने बताया कि उन्होंने 2016 में लखनऊ विश्वविद्यालय से विधि स्नातक किया है और इस समय डॉ. शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय से एलएलएम कर रही हैं। साक्षी ने सफलता का श्रेय माता पिता को दिया है।
पिहानी के मोहल्ला भाटन टोला निवासी कुलदीप अवस्थी लखनऊ नगर निगम में कर अधीक्षक हैं। बेटी ऋचा अवस्थी ने शनिवार को जारी पीसीएस जे के परिणामों में 122वीं रैंक हासिल की है। ऋचा ने बताया कि उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से एलएलबी व नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जोधपुर से एलएलएम पास किया है। ऋचा ने कामयाबी का श्रेय पिता कुलदीप अवस्थी, मां शशि अवस्थी व शिक्षकों को दिया है।
मल्लावां के गोसवा गांव निवासी इशिता सिंह ने भी पहली बार में ही पीसीएस जे की परीक्षा में सफलता हासिल की है। पिता अविनाश सिंह एलआईसी में सहायक प्रशासनिक अधिकारी हैं।
इशिता ने बताया कि उन्होंने 2018 में लखनऊ की एमिटी यूनिवर्सिटी से बीए व एलएलबी पास किया। इशिता सफलता का श्रेय पिता व मां अर्चना सिंह को देती हैं। इशिता सिंह की सफलता पर उनके मामा इंजीनियर अवनीश सिंह समेत अन्य लोगों ने खुशी जताई। जिले के माधौगंज निवासी नरपति सिंह इंटर कालेज के वरिष्ठ लिपिक नेपाल सिंह के बेटे जितेंद्र प्रताप सिंह ने प्रथम प्रयास में ही पीसीएस जे की परीक्षा पास की है। जितेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पांच वर्षीय पाठ्यक्रम के तहत विधि स्नातक व इसके बाद वहीं से एलएलएम भी किया।
कछौना के समसपुर गांव निवासी आयुषी गोस्वामी पुत्री रामऔतार गोस्वामी ने भी पीसीएस जे की परीक्षा में सफलता हासिल की है। आयुषी ने बताया कि उन्होंने एलएलबी व एलएलएम बीएचयू से किया है। पिता युवा कल्याण विभाग में अधिकारी रहे हैं।