गैस सिलिंडर महंगा होने से मिट्टी के चूल्हों पर बन रहा खाना
गढ़मुक्तेश्वर। गैस सिलिंडर पर दाम बढ़ने से आम आदमी पर महंगाई की मार पड़ने लगी है। सिलिंडर रिफिल न होने की वजह से महिलाएं मिट्टी के चूल्हे पर खाना बनाने का मजबूर हैं। गृहणियों ने सरकार से रसोई गैस की बढ़ती कीमतों को कम करने की अपील की है।
उज्जवला योजना के तहत जिले में हजारों लोगों को गैस कनेक्शन फ्री में दिए गए हैं। ताकि लोग मिट्टी का चूल्हा छोड़ गैस पर खाना बनाएं। अब यही गैस लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। वहीं आम जनता भी महंगाई से त्रस्त हो गई है। रसोई का बजट बिगड़ चुका है। सिलिंडर की बढ़ी कीमतों ने रही सही कसर पूरी कर दी है। गांव नयाबांस में उज्ज्वला योजना के कई लाभार्थी ऐसे मिले जिन्होंने रसोई गैस के सिलिंडरों को एक कोने में रख दिया और मिट्टी के चूल्हे को फिर से इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।
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नवंबर 2020 से अगस्त 2021 तक के एलपीजी के दामों में हुई बढ़ोतरी
नवंबर में 592
दिसंबर में 692
जनवरी में 692
फरवरी में 767
मार्च में 817
अप्रेल से जून तक 807
जुलाई में 840
अगस्त में 865
सिलिंडर में नहीं है गैस
महंगाई बढ़ चुकी है, गैस सिलिंडर की कीमत आसमान छू रही है। उनके पास उज्जवला कनेक्शन है लेकिन सिलिंडर में गैस नहीं है। इस कारण मिट्टी के चूल्हे पर खाना बना रहे हैं। - रेशम, नयाबांस
सब्सिडी भी कर दी बंद
दो साल पहले जब सिलिंडर रिफिल कराते थे, तो सरकार की तरफ से सब्सिडी मिलती थी, लेकिन अब सब्सिडी तो बंद है ही साथ में लगातार गैस महंगी भी हो रही है। - सोनी
रसोई पर महंगाई की मार
घर में सिलिंडर छह महीने से खाली पड़ा हुआ है, जितनी गैस पर महंगाई है, खाद्य तेल के भी दाम बढ़ रहे हैं। ऐसे में सरकार को गरीबों के प्रति सोच बदलनी होगी । - सोमवती
मिट्टी के चूल्हे पर बन रहा खाना
सरकार ने रसोई गैस की कीमत इतनी बढ़ा दी है कि अब बस के बाहर हो गया है। इसके कारण मिट्टी के चूल्हे पर खाना बनाना शुरू कर दिया है। सरकार महंगाई कम करे। - अमृत सिंह