गोंडा। मनरेगा में सोशल ऑडिट के लिए ब्लाक संदर्भ व्यक्तियों की नियुक्ति में बड़े स्तर पर गोलमाल के मामले में कार्रवाई शुरू हो गई है। बीते माह भर्ती प्रक्रिया में तत्कालीन जिला विकास अधिकारी रजत यादव फंस गए हैं। जो वर्तमान में मऊ जिले में तैनात हैं।
जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने गुपचुप तरीके से भर्ती करके भेजी गई पत्रावली के अनुमोदन से पहले गोलमाल पकड़ लिया था। उन्होंने चयन प्रक्रिया निरस्त करके नए सिरे से प्रक्रिया शुरू कराई है। जिसके लिए 15 जुलाई को विकास भवन में साक्षात्कार तय है। इसके साथ ही डीडीओ को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
पंचायतों में मनरेगा के कार्यों की सोशल आडिट किए जाने की व्यवस्था है। इसके लिए बीते माह तत्कालीन जिला विकास अधिकारी रजत यादव ने प्रक्रिया पूरी की थी। बताया जा रहा है कि आवेदन रजिस्टर्ड डाक से ही लिया जाना था। लेकिन चार आवेदन उन्होंने सीधे साक्षात्कार के दिन ही शामिल कर लिया और चयन भी कर दिया।
जिलाधिकारी ने मामले को पकड़ा और प्रक्रिया रद्द कर दिया। जिसके बाद अब जिला विकास अधिकारी को नोटिस जारी की है। बताया जा रहा है इस मामले में तत्कालीन डीडीओ को उनके तैनाती के जनपद मऊ में नोटिस भेजी जा रही है।
जवाब आने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति शासन से होगी। प्रभारी जिला विकास अधिकारी दिनकर विद्यार्थी ने बताया कि नए सिरे शुरू की गई भर्ती प्रक्रिया के तहत 15 जुलाई को साक्षात्कार विकास भवन में तय किया गया है। 34 आवेदन आए हैं, आवेदकों को सूचना देने के लिए ब्लाकों को सूची भेजी गई है।