बापू नगर में अपने घर पर बैठे मृतक अभिषेक के पिता रवेंद्र व अन्य परिजन। संवाद
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एटा। 12वीं के छात्र अभिषेक की खुदकुशी के मामले में दो दरोगा और दो आरक्षियों के खिलाफ मुकदमा तो दर्ज कर लिया गया है, लेकिन उनके खिलाफ अगले दिन बुधवार तक किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई। निलंबन तो दूर, उनके तैनाती स्थलों से भी उन्हें नहीं हटाया गया।
तत्कालीन रोडवेज बस स्टैंड चौकी प्रभारी एसआई मोहित राणा के साथ ही एसआई शिव कुमार, मुख्य आरक्षी उपेंद्र कुमार और आरक्षी रवीश कुमार के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा मंगलवार देर शाम कोतवाली नगर में दर्ज किया गया। आरोपी पुलिस कर्मियों पर विभागीय कार्रवाई न होने पर लोग विभाग द्वारा उन्हें संरक्षण दिए जाने की चर्चा कर रहे हैं। वहीं आरोपी पुलिसकर्मियों के ड्यूटी पर रहते हुए जांच प्रभावित करने की आशंकाएं भी लगाई जा रही हैं।
जिंदगी का सिर्फ एक ही मकसद, दोषियों को सजा दिलाना
अभिषेक के पिता रवींद्र सिंह बोले कि मेरा तो एक ही पुत्र था जो दुनिया से चला गया। अब जिंदगी का सिर्फ एक ही मकसद है कि पुत्र के दोषियों को सजा दिलाऊं। जिस दिन चारों को सजा दिला पाऊंगा उस दिन मेरे बेटे को न्याय मिल जाएगा। निचली अदालत से लेकर हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट तक जाऊंगा।