एटा। रस्सी का सांप बनाने वाली कहावत यहां पुलिस के लिए सच साबित हो रही है। आरोपी दरोगा मोहित राणा अपने ही बुने जाल में फंसता चला गया। फोन पर हुई बात में दरोगा ने सब कुछ मृतक के चाचा धनंजय सिंह चौहान को बताता और फोन कॉल पर यह पूरी बात रिकॉर्ड हो गई। दरोगा ने चोरी के मामले में अभिषेक को पकड़ने की बात कही थी। सवाल खड़ा हो गया है कि फिर आधा किलो नशीला पाउडर (डायजापाम) कहां से आया, जिसको बरामद दिखाकर अभिषेक को जेल भेजा गया था?
जिला शाहजहांपुर के थाना शेहरामऊ दक्षिणी में थानाध्यक्ष के पद पर तैनात अभिषेक के चाचा धनंजय सिंह दरोगा मोहित राणा को फोन करते हैं तो जी सर से बात शुरू होती है। मोहित बताता है कि बाइक चोरी की थी। धनंजय सिंह मोहित राणा से कहते हैं कि यार यह बताओ मोहित, इतना डायजापाम लगाने की क्या आवश्यकता थी। मोहित ने बात घुमाने की कोशिश की। इसके बाद तत्कालीन एसएसपी के बारे में बातें हुई। धनंजय ने पूछा कि क्या कोतवाल ने कहा था कि आधा किलो डायजापाम लगाकर जेल भेज दो। अब इसकी जमानत यहां से होगी नहीं। अब इस मामले में सब नप जाएंगे। चोरी की बात थी तो चोरी में भेजते। आधा किलो डायजापाम क्यों लगाई? यह कॉल रिकॉर्डिंग आरोपी दरोगा के गले की फांस बन गई है। सवाल खड़ा हो गया कि पुलिस ने जब अभिषेक को खाली हाथ पकड़ा तो इतनी मात्रा में नशीला पाउडर कहां से मंगाकर दिखाया गया।