देवरिया। एसपी प्रभाकर चौधरी का तबादला होते ही कुख्यात अपराधी तारबाबू ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस टीम पर हमला करने वाला बदमाश कोर्ट में हाजिर हो गया और पुलिस को भनक तक नहीं लगी।
फिलहाल उसके सरेंडर के पास जिले के कुुछ अधिकारी अपनी पीठ थपथपाने से नहीं चूक रहे हैं। 12 जुलाई को भाटपाररानी पुलिस बनकटा के रुस्तम बहियारी गांव निवासी तारबाबू यादव के घर दबिश देने पहुंची थी। इसी दौरान बदमाश ने पुलिस पर फायरिंग कर दिया।
शातिर बदमाश के दुस्साहस को देखते हुए तत्कालीन एसपी प्रभाकर चौधरी ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया। तारबाबू पर दस हजार रुपये का इनाम घोषित हुआ। घटना की रात इलाके के सभी घरों की पुलिस ने तलाशी दी।
एसपी के खौफ से शातिर बदमाश बिहार से असम पहुंच गया। पुलिस फायरिंग में 12 से अधिक लोगों को नामजद किया गया। प्रधान समेत तीन लोगों की गिरफ्तारी पुलिस कर पाई। तारबाबू की गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच, बनकटा, भाटपाररानी पुलिस को लगाया गया था। पुलिस दबिश का हवाला देती रही।
शुक्रवार को शातिर बदमाश ने पुलिस को छकाते हुए कोर्ट में सरेंडर कर दिया। जानकारी होने के बाद पुलिस हरकत में आई और नाकामी की जगह अपनी ठीक थपथपाने में जुट गई। जिम्मेदार अधिकारियों का कहना था कि पुलिस के दबाव के कारण शातिर बदमाश ने कोर्ट में सरेंडर किया है।
जबकि तार बाबू के आपराधिक इतिहास पर नजर दौड़ाई जाए तो उसने दरोगा की पिटाई, हत्या, गौ तस्करी के अलावा थानेदार को फोन पर जान से माने की धमकी तक दे चुका है। तारबाबू के ऊपर सिर्फ प्रभाकर चौधरी का खौफ था। जो उनके जाते ही खत्म हो गए और बदमाश ने आसानी ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया।