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सुरक्षा चक्र टूटा : 4683 गर्भवती, 11989 बच्चों को नहीं लगा टीका

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सुरक्षा चक्र टूटा : 4683 गर्भवती, 11989 बच्चों को नहीं लगा टीका
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बुलंदशहर। कोरोना संक्रमण की वजह से गर्भवती महिलाओं और दो साल से कम उम्र के बच्चों का नियमित टीकाकरण नहीं हो सका है। सात सितंबर से स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे सर्वे के दौरान टीम ने 4683 गर्भवती और 11989 बच्चे चिह्नित किए हैं, जिन्हें तपेदिक, निमोनिया, हेपेटाइटिस समेत अन्य रोगों से बचाव का टीका नहीं लगा है।
गर्भवती महिलाओं और बच्चों को विभिन्न बीमारियों से बचाव के लिए प्रत्येक बुधवार व शनिवार को स्वास्थ्य केंद्रों पर नियमित टीके लगाए जाते हैं। कोरोना काल शुरू होने के दौरान से लेकर अब तक जिले में अधिकांश गर्भवती महिलाओं और बच्चों का नियमित टीकाकरण नहीं हो सका है। सर्वे के तहत ऐसी गर्भवती महिलाओं और दो साल से कम उम्र के बच्चों को सूचीबद्ध किया जा रहा है, जिनका नियमित टीकाकरण नहीं हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक, जल्द ही अभियान चलाकर चिह्नित किए गए गर्भवती महिलाओं और बच्चों का टीकाकरण कराया जाएगा।
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352 केंद्रों पर लगाया जाता है टीका
जनपद में 344 देहात क्षेत्र और आठ शहरी क्षेत्र में बने उपकेंद्र व सरकारी चिकित्सालयों में प्रत्येक सप्ताह बुधवार व शनिवार को टीका लगाया जाता है, जबकि जिला अस्पताल व जिला महिला अस्पताल में रविवार को छोड़ अन्य दिनों में टीका लगाने का प्रावधान है। देहात क्षेत्रों में मालागढ़, गुलावठी, लखावटी, स्याना, ऊंचागांव, बीबीनगर, जहांगीराबाद, तौली, अनूपशहर, दानपुर, कसेरकलां, डिबाई, शिकारपुर, पहासू, धरपा, मुनी, खुर्जा, वैर, सिकंदराबाद व खानपुर आदि जगह और अरबन में गुलावठी, जहांगीराबाद, शास्त्रीनगर, सरायधारी, गिरधारीनगर व धमैड़ा अड्डा आदि स्थानों पर टीका लगाया जाता है।
टीकाकरण से बढ़ती है रोग प्रतिरोधक क्षमता
बच्चों में टीकाकरण से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। साथ ही गंभीर बीमारियों से सुरक्षा भी मिलती है। ये संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम कर देते हैं। 12 से 24 महीने तक बच्चों को दो महीने, चार महीने, नौ महीने और 12 व 24 महीने के अंतराल पर टीका लगाया जाता है।
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सर्वे के दौरान ये मिले आंकड़े
अभियान चिह्नित किए लोग
आठ दिन में घरों की संख्या = 519717
गर्भवती महिलाएं = 4683
शून्य से दो वर्ष के बच्चे = 11989
कोविड टीकाकरण से छूटे = 82063
इन बीमारियों से बचाव को लगाया जाता है टीका
टीका बीमारी से बचाव
बीसीजी तपेदिक या टीबी
पेंटा काली खांसी, डिप्थीरिया, टिटनेस
चिकनपॉक्स चिकनपॉक्स
एमएमआर खसरा, गलसुआ और रूबैला
रोटा वायरस संक्रमण
नियोमोकोकल निमोनिया
पोलियो अपंगता से बचाव
हीमोफिलस बी हेपेटाइटिस
वंचितों को जल्द लगेगा टीका
कोरोना संक्रमण के दौरान नियमित टीकाकरण प्रभावित रहा। अब ऐसे लोगों को चिह्नित करने के लिए सर्वे कराया जा रहा है। आठ दिन में स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने 519717 घरों का सर्वे किया। इस दौरान 4683 गर्भवती महिलाएं और 11989 बच्चे चिह्नित किए गए हैं, जो नियमित टीकाकरण से वंचित चल रहे हैं। साथ 82063 ऐसे 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को चिह्नित किया गया है, जिन्होंने कोविड से बचाव के लिए एक भी टीका नहीं लगवाया है। जल्द ही इनको टीका लगवा दिया जाएगा।
- डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
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