इसके बाद वन विभाग ने तत्काल गांव के बाहर नवाब अली के गन्ने के खेत में पिंजरा लगा दिया था। शुरुआती दिनों में वन विभाग ने पिंजरे में गुलदार को शिकार का प्रलोभन देने के लिए बकरी को बांधा और पिंजरे की निगरानी की लेकिन गुलदार की कोई गतिविधि नहीं मिलने पर वन विभाग ने बकरी को पिंजरे से हटा दिया और पिंजरा खाली अवस्था में गन्ने के खेत में रखा रहा।
वन विभाग करीब दो माह से खाली रखे इस पिंजरे को वहां से हटा लेने की तैयारी कर रहा था कि बीती रात्रि किसी समय गुलदार का शावक खाली अवस्था में रखे पिंजरे में खुद आकर कैद हो गया। सुबह उधर से गुजर रहे किसी ग्रामीण ने पिंजरे में बंद गुलदार के शावक को देखा और इसकी जानकारी गांव आकर ग्रामीणों को दी। ग्रामवासी गुलदार को देखने के लिए वहां उमड़ पड़े।
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