एसपी ने बताया कि किसी व्यक्ति ने उन्हें फोन करके खनन के ओवर लोड वाहनों की आवाजाही की खबर दी थी। जिसके चलते सीओ चांदपुर सर्वम सिंह के नेतृृत्व में गठित टीमों ने 19 नवंबर को अमरोहा बॉर्डर के पास बैरियर पर छापेमारी।
मुरादाबाद से अमरोहा होते हुए शिवालाकलां थाना क्षेत्र में प्रवेश करने पर खनन सामग्री से भरे 11 डंपर और 16 लोगों को पकड़ लिया था। जिनके खिलाफ चांदपुर, नूरपुर और शिवालाकला थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
ये डंपर ओवरलोड ही नहीं बल्कि इनमें अवैध खनन सामग्री भी भरी हुई थी। इन डंपरों के थाना शिवालाकलां क्षेत्र में प्रवेश किया, जिनकी बैरियर पर कोई चेकिंग भी नहीं की गई।
सूत्रों के अनुसार बैरियर पर कोई पुलिसकर्मी भी मौजूद नहीं था। साथ ही सीओ चांदपुर के नेतृत्व में पहुंची पुलिस टीमों को शिवालाकलां थाने का चालक भी साईकिल की सवारी करते हुए घटनास्थल के पास ही नजर आया।
ऐसे में शिवालाकलां का चालक ही नहीं बल्कि थानाध्यक्ष की भूमिका भी संदिग्ध मानी गई थी। जिसके चलते थानाध्यक्ष, चालक समेत छह पुलिसकर्मियों को हटाया गया है। इस पूरे मामले की जांच सीओ नगीना को दी गई है। जांच रिपोर्ट देने के लिए सात दिन का समय दिया गया है। अगर दोषी पाए जाते हैं तो कड़ी कार्रवाई होना तय है।
ओवरलोड खनन वाहनों के मुरादाबाद और अमरोहा होते हुए जिले में प्रवेश करने और चेकिंग नहीं होने पर थानाध्यक्ष समेत छह पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है। इन वाहनों से अवैध वसूली की अभी पुष्टि नहीं हुई है। हमने जसपुर की ओर से रेहड़ की तरफ आने वाले रास्ते को खनन वाहनों के लिए पूरी तरह बंद करा दिया था। जिस पर खनन सामग्री ढोने वालों ने अमरोहा से होते हुए नया रास्ता ढूंढ लिया था। रात में खनन के जो वाहन निकलते हैं, वो नंबर प्लेट पर मिट्टी लगा देते हैं या नंबर मिटा देते हैं। -नीरज कुमार जादौन, एसपी बिजनौर