युवक को थमाया फर्जी नियुक्ति पत्र
इस पर राजकुमार, वीरेंद्र नाथ के बेटे राहुल के पास गए तो वह वीरेंद्र नाथ से मुलाकात कराने सूदनपुर अस्पताल लेकर गया। वहां वीरेंद्र ने बताया कि दो महीने में नियुक्ति करा दूंगा, लेकिन पांच लाख रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से लूंगा। विश्वास कर राजकुमार और उनके साले आकाश मीना ने अस्पताल में ही वीरेंद्र को 10 लाख रुपये दे दिए। इसके बाद डॉ. वीरेंद्रनाथ ने सीएमओ की तरफ से जारी फर्जी नियुक्ति पत्र दोनों को थमा दिया।
राजकुमार और आकाश को परिचय पत्र देकर उनसे सूदनपुर अस्पताल में तीन महीने तक नौकरी करवाता रहा। वेतन नहीं मिलने पर राजकुमार को शक हुआ तो उसने रुपये वापस मांगे पर वीरेंद्रनाथ टरकाता रहा। राजकुमार मीना की तहरीर पर डॉ. वीरेंद्रनाथ और उसके बेटे राहुल के खिलाफ कोतवाली में मामला दर्ज किया गया है। इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।