बाराबंकी। देवा थाने में महिला सिपाही का रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल होने के मामले में एसपी ने बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने एक महिला सिपाही और दो दीवान को निलंबित कर दिया है। कप्तान की इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
देवा थाने में तैनात दीवान अनिल सिंह के पास पासपोर्ट आवेदन के सत्यापन की जिम्मेदारी थी। अनिल अपनी मदद के लिए 2018 बैच की महिला सिपाही रीना से काम लेने के साथ वसूली कराने का काम करता था। बीते 19 सितंबर को देवा थाना कार्यालय के वायरल हुए वीडियो में पासपोर्ट आवेदन सत्यापन के नाम पर चल रहे वसूली के खेल का खुलासा होने पर एसपी ने महिला सिपाही रीना को निलंबित कर दिया था।
इसके बाद मामले की जांच में दीवान अनिल सिंह व भारत की भूमिका सामने आई। वहीं इसी बीच दूसरा वीडियो वायरल हुआ। इसमें एक अन्य युवक से दीवान अनिल भी रुपये लेकर रीना सिपाही को ही रखने के लिए देते दिख रहा है। इसके बाद एसपी ने दीवान अनिल सिंह व भारत को भी निलंबित कर दिया है।
इस बाबत एसपी यमुना प्रसाद ने बताया कि देवा कोतवाली में तैनात दो दीवान व एक महिला सिपाही को रिश्वतखोरी के आरोप में निलंबित किया गया है। यदि कोई पुलिस कर्मी गलत कार्य करता मिलेगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
2:11 मिनट के हैं वीडियो
थाना कार्यालय के वायरल हुए दोनों वीडियो 2:11 मिनट के हैं। यह वीडियो जिस तरफ से बनाए गए हैं उसी लोकेशन पर थाने का सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि यह फुटेज इसी कैमरे के है, लेकिन इसका डीबीआर मुख्यालय पर रहता है और थाने से वीडियो निकाला ही नहीं जा सकता। ऐसे में वीडियो कैसे बना, यह हर कोई समझ नहीं पा रहा है।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
कुछ दिन पूर्व शहर कोतवाली के एक अन्य दीवान का भी रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल होने पर उसके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई थी। टिकैतनगर थाने में तैनात एक सिपाही को करीब छह माह पहले रिश्वतखोरी के मामले में जेल भेजा गया था। इसी तरह कोठी थाने के चार सिपाही भी इसी आरोप में फंसे थे जिनके खिलाफ केस दर्ज होने के साथ निलंबन की कार्रवाई हुई थी।
करीब चार साल पहले जैदपुर थाने में पुलिस कर्मियों की मिलीभगत से एक तस्कर का पासपोर्ट बन गया था। इस मामले में भी पांच पुलिस कर्मी निलंबित हुए थे और एक को बर्खास्त कर दिया गया था। इन सब कार्रवाई के बाद भी महकमे में सुधार नहीं हो पा रहा है।