ये था विवाद
अक्षय के परिजनों का ग्रामीणों के साथ ही रालोद नेताओं ने समर्थन करते हुए हंगामा किया था। बवाल बढ़ता देखकर पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया था। साथ ही तत्कालीन बिनौली थाना प्रभारी चंद्रकांत पांडेय सहित 13 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई थी। युवक के शव का डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ ये खुलासा
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गले की हड्डी टूटी मिली थी। इसके बाद अक्षय की मौत के सही कारण का पता लगाने के लिए एफआईआर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, वीडियोग्राफी आदि दस्तावेज लखनऊ फोरेंसिक लैब भेजी गई थी। इसकी रिपोर्ट करीब एक सप्ताह पहले पुलिस अधिकारियों के पास पहुंच चुकी है, लेकिन उसे लेकर अधिकारी कुछ भी बोलने से बचते दिख रहे है।
फोरेंसिक रिपोर्ट आई है, लेकिन उसको अभी देखा नहीं है। उसको देखकर ही कुछ बताया जा सकता है। - मनीष मिश्रा, एएसपी।
फोरेंसिक रिपोर्ट आई जरूर है, लेकिन उसका अभी अवलोकन नहीं किया गया है और वह गोपनीय होती है। - अनुज मिश्र, सीओ बागपत।