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डीपीआरओ ऑफिस में कर्मचारियों संग हाथापाई, जमकर हुआ हंगामा

Sat, 21 Nov 2020 12:32 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विकास भवन स्थित डीपीआरओ ऑफिस में शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। भुगतान के सिलसिले में पहुंचे एडीओ पंचायत तथा उनके बेटे पर महिला कर्मचारी समेत दो लोगों के साथ मारपीट तथा बदतमीजी करने का आरोप है। एडीओ पंचायत ने भी डीपीआरओ तथा कर्मचारी पर भुगतान के लिए 10 हजार रुपये मांगे जाने एवं अपमानित करने का आरोप लगाया है। दोनों तरफ से कर्नलगंज थाने में तहरीर दी गई है।
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एडीओ पंचायत गायत्री प्रसाद मिश्र 30 जून को रिटायर हुए हैं। दोपहर में अपने बेटे के साथ भुगतान संबंधी जानकारी के लिए डीपीआरओ कार्यालय पहुंचे थे। साथ में कुछ और लोगों के भी आने की बात कही जा रही है। रिटायर्ड एडीओ पंचायत का कहना था कि जीपीएफ के भुगतान संबंधी आदेश लखनऊ मुख्यालय से पांच नवंबर को ही हो चुका है।

इसके विपरीत कर्मचारियों का कहना था कि अभी उनके पास आदेश नहीं पहुंचा है। इसे लेकर एक महिला कर्मचारी के साथ विवाद बढ़ गया। पास में ही बैठे सफाई कर्मचारी ने भी हस्तक्षेप किया और विवाद बढ़ते-बढ़ते हाथापाई तक पहुंच गई। सूचना पर विकास भवन परिसर स्थित अन्य विभाग के कर्मचारी भी पहुंच गए। कुछ देर में डीपीआरओ रेनू श्रीवास्तव भी पहुंच गईं। कर्मचारियों को इस तरह से एकत्रित होता देख एडीओ पंचायत का बेटा वहां से चला गया। डीपीआरओ ने फोन करके पुलिस भी बुला ली।
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इसी क्रम में उन्होंने विवाद को खत्म कराने की कोशिश की लेकिन कर्मचारी अड़े रहे कि एडीओ का बेटा आकर माफी मांगे। इस दौरान एडीओ के बेटे से पुलिस तथा अन्य लोगों ने वार्ता की लेकिन वह आने को तैयार नहीं हुआ। इसके बाद दोनों कर्मचारियों ने थाने में रिटायर्ड एडीओ और उनके बेटे के खिलाफ तहरीर दी। इसके बाद रिटायर्ड एडीओ के बेटे की ओर से भी तहरीर दी गई। घटना के बाद डीपीआरओ एक बैठक में चली गईं। इसके बाद उन्होंने मोबाइल ऑफ कर लिया। 
 
  • ‘मैं जून में ही रिटायर हो चुका हूं, लेकिन अभी तक सिर्फ पेंशन मिल रही है। जीपीएफ, बीमा, मेडिकल क्लेम, नगदीकरण का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। जबकि, जीपीएफ के भुगतान के लिए पांच नवंबर को आदेश भी हो चुका है। इस बारे में जानकारी के लिए कार्यालय पहुंचा तो कर्मचारियों ने बदतमीजी की। उन पर हाथ उठाया। इसके बाद मैंने फोन करके अपने बेटे को बुला लिया। मुझसे भुगतान के लिए 10 हजार रुपये की भी मांग की जा रही है। डीपीआरओ भी इसमें शामिल हैं। डीपीआरओ ने भी सभी के सामने अपमानित किया। हाथ जुड़वाए, माफी मंगवाई। साथ ही अपशब्द कहे। बेटे ने थाने में तहरीर दी है।’ -गायत्री प्रसाद मिश्र, रिटायर एडीओ पंचायत
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