सीबीआई लखनऊ मुख्यालय की विशेष अपराध शाखा ने प्रयागराज से पूर्व में बसपा से विधायक रहीं पूजा पाल समेत सात लोगों केखिलाफ तीन साल पुराने एक मामले में हत्या का केस दर्ज किया है। घटना 3 फरवरी 2016 की है। प्रयागराज के धूमनगंज थानाक्षेत्र में ललित वर्मा नाम के व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
ललित के परिजन ने जमीन की रंजिश में तत्कालीन विधायक पूजा पाल, पूजा पाल के भाई राहुल पाल, राजेश त्रिपाठी, संदीप यादव, दिलीप पाल, मुकेश केसरवानी और पृथ्वी पाल के खिलाफ रंजिशन हत्या का मुकदमा कायम कराया गया था। 24 नवंबर 2017 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। लगभग दो वर्ष बाद अब सीबीआई ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की है। सीबीआई थाने में दर्ज एफआईआर में बताया गया है कि 3 फरवरी 2016 की रात नौ बजे सफारी गाड़ी से आए पूजा पाल के भाई राहुल और उसके साथियों ने अलग अलग मोटर साइकिल से अपने वकील से मिलने जा रहे विनोद कुमार, विरेंद्र, ललित और विक्रम पर हमला कर दिया था। जिसमें ललित की मौत हो गई थी।
ललित के पिता विनोद ने धूमनगंज में दर्ज एफआईआर में हत्या की वजह जमीन की रंजिश बताई थी। विनोद ने एफआईआर में बताया था कि जमीनी रंजिश के कारण पूजा पाल ने कई बार जान से मारने की धमकी दी थी। विनोद ने आरोप लगाया था कि पूजा पाल ने फर्जी मुकदमा दर्ज करा कर उनके परिवार के कई लोगों को जेल भेजवा दिया था। फर्जी एफआईआर को लेकर विनोद और उनके परिजनों ने पूजा पाल के खिलाफ अलग अलग स्तर पर शिकायत दर्ज कराई थी। अपने ऊपर दर्ज मुकदमे की पैरवी ललित करता था, जिसकी हत्या कर दी गई।
विनोद ने इस मामले में सीधा आरोप तत्कालीन विधायक पूजा पाल पर लगाया। और हत्या का मुकदमा कायम करा दिया। पुलिस की सुस्त जांच के बाद हाईकोर्ट में इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की अपील की गई थी। हाईकोर्ट ने इस मामले को दो साल पहले सीबीआई के सुपुर्द किया, जिसमें अब एफआईआर दर्ज की गई है।