इसकी कोई आवाज उठाता है, तो उसको डरा, धमका कर चुप करा दिया जाता है। पूर्व में इस मामले में सीएमएस की ओर से एफआईआर भी दर्ज कराई गई, लेकिन बाद में मामला रफा दफा करवा दिया गया। बेचे गए प्लाटों पर भवन निर्माण भी करा लिए गए हैं। इसमें लेखपाल और कानूनगो की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। सीएम के एक्स पर शिकायत होने के कुछ देर बाद ही डीएम नवनीत सिंह चहल ने इस मामले की जांच के लिए सीएमओ डॉ. आशु पांडेय और एसडीएम सदर सौरभ की दो सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी।
कहा जा रहा है कि टीबी अस्पताल की भूमि पर अवैध कब्जा और भूमि पर प्लाटिंग का मामला कई वर्ष से चल रहा है। टीबी अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि कई बार इस मामले की शिकायत की गई। शिवकुटी थाने में भी तहरीर दी गई, लेकिन सरकारी जमीन कब्जा करने वालों पर असर नहीं हुआ। सीएमएस ने बताया कि उन्होंने भी इस मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से की है, ताकि अस्पताल की भूमि को कब्जा मुक्त कराया जा सके।
इस मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी बना दी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद इस प्रकरण में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - नवनीत सिंह चहल, डीएम।